रिपोर्ट:-निभाष मोदी, भागलपुर

विगत 10 वर्षों से दैनिक मजदूर कार्य करते आ रहे हैं फिर भी 10 साल से नगर निगम में कार्य करने के बावजूद उसका कोई स्थायीकरण नहीं है ना ही सातवें वेतन की शुरुआत हो पाई है, एक आवाज में सबों ने कहा यह संघ और सरकार की लड़ाई है जब तक हमारी मांगे मान ली नहीं जाती तब तक हम लोगों का यह अनवरत हड़ताल जारी रहेगा और इसका रूप और भी वृहद होता जाएगा, ताजा मामला नगर निगम भागलपुर का है ,साथ ही साथ बताते चलें कि विगत कई दिनों से बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ की ओर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन हल्ला बोल प्रदर्शन व हड़ताल जारी है बताते चलें कि इससे भागलपुर की स्थिति चरमरा सी गई है फिर भी अधिकारी का रवैया उदासीन है!आज बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारि महासंघ द्वारा अनिश्चित हड़ताल को राष्ट्रीय सफाई मजदूर संघ ने पुरज़ोर तरीके से अपना समर्थन दिया एवं 13 सूत्री मांगों को जल्द से जल्द लागू करने का सरकार को अविलम्ब निर्णय लेने को कहा नहीं तो उग्र आंदोलन का आह्वान किया।
उन सबों का कहना था की हम सभी 8 जून को 13 सूत्री मांग को लेकर पत्र दिए फिर 5 जुलाई को मजदूर संघ ने प्रदर्शन किया एवं सनलेख नगर आयुक्त को सौंपा उसके बाद 15 जुलाई को पुतला दहन किया, इस धरना प्रदर्शन पुतला दहन प्रदर्शन हल्ला बोल प्रदर्शन से यहां के अधिकारियों पदाधिकारियों के सिर पर जूं तक नहीं रहेगा!इतना होने के बावजूद हमलोगों का वेतन 3 माह से रुका हुआ है और साथ ही साथ मजदूर संघ के लोगों का कहना हुआ कि हमलोग को निजीकरण के तहत काम कराया जाता है जिससे कि सरकारी नौकरी की दूर-दूर तक आसान नहीं रही ,साथ ही उनका कहना हुआ कि हम लोगों को आरक्षण का कोई मतलब ही नहीं रहा! मजदूर संघ के तहत अधिकारियों को कई आवेदन पत्र दिए गए परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई, उनकी 13 सूत्री मांगों में निजीकरण पर रोक लगाना, चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को स्थाई करने की मांग, कम से कम 18 से ₹20 हज़ार प्रति माह वेतन, सातवां वेतन लागू करना, जीवन परिवारिक पेंशन देना, न्यू पेंशन योजना लागू करना आदि है बताते चलें कि यह पूरे बिहार में आंदोलन जारी है उन लोगों का कहना हुआ जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी यह हड़ताल चलता रहेगा यह जानकारी राज्य सचिव बिहार मनोज कृति सहाय राज्य स्थानीय मजदूर संघ निकाय कर्मचारी ने दी!




