निभाष मोदी, भागलपुर

अफसरशाही की लड़ाई में शहरवासी घुट घुट कर जी रहे हैं , यह भी कह सकते हैं की पुरा सिस्टम फेल हो चुका है भागलपुर स्मार्ट सिटी का!भागलपुर स्मार्ट सिटी का नजारा पूर्णरूपेण कचरे में तब्दील हो गया है ,हर चौक चौराहे पर आपको कचरे का भरमार मिलेगा, इसे हम स्मार्ट सिटी कहते हैं! आपस में अधिकारियों की लड़ाई में चारों तरफ से अगर परेशान दिख रहे हैं तो भागलपुर के शहरवासी ,पूरे शहर में मानो कचरे का अंबार लग गया हो! बताते चलें इसका मुख्य कारण यह है कि भागलपुर नगर निगम के कर्मचारी हड़ताल पर हैं, शहर में कचरे का अंबार लग गया है। मुख्य चौक चौराहों पर ,गलियों में ,सड़कों पर कचरा पसरा हुआ है।
स्मार्ट सिटी का दंभ भरने वाले नगर सरकार व स्मार्ट सिटी के अधिकारी को इसकी फिक्र नहीं। कहीं धूल, कहीं कचरा, कहीं सड़कों पर नाले का पानी, मानो सारा सिस्टम खत्म हो चुका है।
ऐसे में नगर निगम और स्मार्ट सिटी पर सवाल उठना लाजमी है। कर्मचारी बीते 6 दिनों से हड़ताल पर हैं कर्मी अपनी मांगों पर अड़े हैं। शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था कब तक ठीक होगी यह सवाल शहर के लोगों के जेहन में है।
शहर के युवाओं ने स्मार्ट सिटी को बस नाम का बताया है। युवाओं ने कहा कि पूरे शहर में कचरा है ,धूल उड़ रहा है ऐसे में कैसे भागलपुर को स्मार्ट सिटी कहें । दुर्भाग्य है यहां के जनप्रतिनिधि ऐसे हैं।
वहीं भागलपुर विधायक अजीत शर्मा ने इस पर प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारी बस लूट में लगे हुए है। कोई कार्य यहाँ नहीं हो रहा है। पदाधिकारी यहां नहीं सुनते। यहां आईएएस नगर आयुक्त की पोस्टिंग के लिए कहा था वह भी अब तक नहीं हुआ है।




