रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!
जिस बच्ची ने अपने बचपन में आँटो चालक पिता का देर साम तक राशन के पैसे के लिए करती थी इंतजार आज शिक्षा से लेकर मुफ्त खाना खिला रही है
मधुबनी जिले के लोगों के लिए प्रेरणा बनी निधि राज।
जिस बच्ची ने बचपन में अपने ऑटो चालक पिता को देर शाम तक आने का इंतजार इसलिए करती थी ताकि ऑटो से हुई कमाई से घर का राशन आएगा व बीमार माँ के लिए इलाज के लिए दवा, वे बच्ची आज बड़ी होकर प्रतिदिन सैंकडों लोगों का पेट भर रही है व 200 से अधिक जरूरतमंद बच्चों को निशुक्ल शिक्षा, पोशाक , पुस्तक उपलब्ध करवा रही हैं। यह कहानी भले ही फिल्मी लगे लेकिन यह कहानी बिल्कुल सच्ची है। एक ऐसा भी वक्त आया जब परिजनों ने साथ छोड दिया लेकिन उस बच्ची ने ठान लिया कि परिवार के साथ-साथ समाज में जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए वो जितना बन पड़ेगा वे करेगी क्योंकि उसने जो तकलीफ उठायी है वैसा तकलीफ कोई और ना उठाए। यह कहानी शहर के भूप नारायण सिंह कॉलोनी की रहने वाली निधि राज की है। आज ये गरीब परिवार की बेटियों की शादी करवाती हैं व साथ ही गरीब व्यक्ति का क्रियाक्रम भी संबंधित समुदाय के रीति रिवाज के अनुसार करवाती है। मालूम हो कि निधी राज आज के समय जिले में 04 पाठशाला चला रही हैं। जिसके माध्यम से 200 से अधिक बच्चे को निशुल्क शिक्षा प्राप्त कराने का कार्य किराया जा रहा हैं। साथ ही प्रतिदिन 100-125 लोगों को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि सार्वजनिक जगहों पर निशुल्क भोजन उपलब्ध करवा रहीं हैं।
” सेवा परमो धर्म ” के रास्ते पर चल रही निधि ::
निधि राज द्वारा स्थापित सेवानिधि पाठशाला जो पिछले तीन वर्षों से क्षेत्र के गरीब, लाचार, मजबूर, अनाथ, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करती है। निधि राज ने बताया कि अभी वर्तमान में पाठशाला केन्द्र की संख्या 04 है। जिसमें लगभग 200 बच्चें पढ़ते हैं। जिसका पठन पाठन की सामग्री,कपड़ा, गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। साथ ही सेवानिधि फाउंडेशन विगत 5 वर्षों से स्टेशनों पर अस्पतालों में बेसहारा कमजोर एवं गरिब लोगों को खाना बांटती है। रक्त दान, जारे के दौरान बड़े बुजुर्गो को कम्बल वितरण, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आर्थिक सहयोग आदि यहीं सेवानिधि का मुख्य लक्ष्य व उद्देश्य है। जिस पर निरंतर रूप से काम किया जा रहा है।




