रिपोर्ट- संतोष तिवारी
डीएम की सख़्ती और मॉनिटरिंग ने लाई रंग, जनहित के कार्यों में जिले को मिली बड़ी उपलब्धि
फार्मर रजिस्ट्री से लेकर भूमि सुधार तक सख़्ती और सम्मान की संतुलित नीति, लापरवाह कर्मी होंगे दंडित, अच्छे कर्मी होंगे पुरस्कृत
22 कर्मी से हुआ शो काउज, किसानों का हित सर्वोपरि
मुजफ्फरपुर
31 जनवरी, 2026
जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन द्वारा राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनहित में जमीन से संबंधित मामलों का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। सरकार द्वारा निर्धारित विभिन्न पैरामीटरों पर आधारित कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर राज्य स्तरीय रैंकिंग जारी की गई है, जिसमें पारु अंचल ने पूरे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। पारु अंचल को इस रैंकिंग में 93.63 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं।
जिलाधिकारी ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि को सराहनीय एवं अनुकरणीय बताते हुए इसे टीमवर्क, सतत समीक्षा और जवाबदेही आधारित कार्य संस्कृति का परिणाम बताया है। उन्होंने अन्य सभी अंचलों को भी पारु अंचल से सीख लेते हुए इसी प्रकार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रमुख कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कार्य निष्पादन के लिए जिन प्रमुख बिंदुओं को आधार बनाया गया है, उनमें म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, अभियान बसेरा टू, आधार सिडिंग ऑनलाइन, ऑनलाइन एलपीसी, ई-मापी, अतिक्रमण मामलों का निष्पादन, जमाबंदी तथा सरकारी जमीन की जांचोपरांत प्रविष्टि शामिल हैं। इन सभी मापदंडों पर पारु अंचल का प्रदर्शन राज्य स्तर पर अत्यंत सराहनीय रहा है।
आंकड़ों के अनुसार,
परिमार्जन प्लस में 93.83 प्रतिशत,
म्यूटेशन में 89.56 प्रतिशत,
अभियान बसेरा टू में 94.25 प्रतिशत,
आधार सिडिंग में 84.58 प्रतिशत,
ऑनलाइन एलपीसी में 99.24 प्रतिशत,
ई-मापी में 98.07 प्रतिशत,
अतिक्रमण मामलों के निष्पादन में 83.33 प्रतिशत,
जमाबंदी में 93.97 प्रतिशत तथा
सरकारी जमीन की जांच एवं एंट्री में 99.55 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पारु अंचल ने न केवल कार्यों के निष्पादन में तेजी दिखाई, बल्कि गुणवत्ता और पारदर्शिता के मानकों पर भी खरा उतरने का प्रयास किया।
अन्य अंचलों को सुधार और प्रगति लाने के निर्देश
जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े कार्य सीधे आम जनता और किसानों के हित से जुड़े हुए हैं। इसलिए इन मामलों में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अंचलाधिकारी एवं राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में मामलों के निष्पादन को मिशन मोड में लें।
उन्होंने भूमि सुधार उपसमाहर्ता पूर्वी एवं पश्चिमी को अपने-अपने क्षेत्राधीन अंचलों की नियमित समीक्षा कर अपेक्षित सुधार और प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों को भी राजस्व एवं भूमि सुधार कार्यों को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्राधीन अंचलों में सतत मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी द्वारा स्वयं प्रति सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है, जिससे लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।
फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने को लेकर सख्त मॉनिटरिंग
दूसरी ओर, किसानों को सरकारी योजनाओं का समयबद्ध लाभ दिलाने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में भी उल्लेखनीय प्रगति लाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी द्वारा अंचलवार समीक्षा करते हुए प्रत्येक अंचल को प्रतिदिन 2000 किसानों का निबंधन सुनिश्चित करने का स्पष्ट लक्ष्य दिया गया है।
इस कार्य की मॉनिटरिंग न केवल संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों द्वारा की जा रही है, बल्कि स्वयं जिलाधिकारी द्वारा भी प्रतिदिन अंचलवार प्रगति की समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र किसान निबंधन से वंचित न रह जाए और सभी किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
खराब प्रदर्शन पर सख्ती, 22 कर्मियों से स्पष्टीकरण
हालांकि समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ प्रखंडों में फार्मर रजिस्ट्री का प्रदर्शन असंतोषजनक एवं अपेक्षा से काफी कमजोर रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित राजस्व कर्मचारी, किसान सलाहकार एवं विशेष सर्वेक्षण अमीन से स्पष्टीकरण करते हुए कड़ी चेतावनी दी है।
इस क्रम में 11 अंचलों में से प्रत्येक से दो कर्मियों को चिह्नित करते हुए कुल 22 कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इनमें 17 राजस्व कर्मचारी, 3 विशेष सर्वेक्षण अमीन तथा 2 किसान सलाहकार शामिल हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसानों के हित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों का हित सर्वोपरि : जिलाधिकारी
जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है और फार्मर रजिस्ट्री एवं ई-केवाईसी के माध्यम से ही किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मी पूरी सक्रियता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि फार्मर रजिस्ट्री एवं ई-केवाईसी के कार्य में उत्कृष्ट एवं सराहनीय प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इससे कर्मियों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा उत्पन्न होगी और कार्यों में और अधिक गति आएगी।
पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन की दिशा में कदम
कुल मिलाकर, राजस्व एवं भूमि सुधार तथा फार्मर रजिस्ट्री के क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा अपनाई गई सख्त मॉनिटरिंग, नियमित समीक्षा और जवाबदेही आधारित कार्य प्रणाली से यह स्पष्ट है कि प्रशासन जनहित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पारु अंचल की उपलब्धि जहां अन्य अंचलों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है, वहीं कमजोर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में भी सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन की इस सक्रियता से आम जनता और किसानों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा और जमीन से जुड़े मामलों का समाधान समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से संभव हो सकेगा।




