प्रशान्त कुमार की रिपोर्ट

बेगूसराय मॉडर्न थियेटर फाउंडेशन के द्वारा शहर के न्यू चाणक्य नगर-महमदपूर स्थित अपने कार्यालय स्पेस में भारतेन्दु हरिश्चंद्र की जयंती मनाई गयी।
उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर रंगकर्मियों ने चर्चा किया।
संस्थान के निर्देशक व नाट्य प्रशिक्षक परवेज़ यूसुफ़ ने बताया कि भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने अपनी अल्प आयु में हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में काफी काम किया। वे हिन्दी साहित्य में पितामह कहे जाते हैं।
भारतेन्दु जी ने देश की गरीबी, पराधीनता, शासकों के अमानवीय शोषण के चित्रण को ही अपने साहित्य का लक्ष्य बनाया। भारतेंदु बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। हिन्दी पत्रकारिता, नाटक और काव्य के क्षेत्र में उनका बहुमूल्य योगदान के कारण उन्हें याद किया जाता है। सत्य हरिश्चन्द्र, अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा, नील देवी, प्रेमजोगनी, चन्द्रावली आदि नाटक उनकी प्रसिद्ध रचनाएं हैं।
इस मौके पर एमटीएफ के राहुल कुमार, एकता कुमारी, मनीष कुमार, दिवाकर झा, शिवम कुमार, कृष्णा नितीश, धनराज कुमार, तथा ओम कुमार आदि सदस्य रंगकर्मी उपस्थित थे।




