बेगूसराय वन प्रमंडल में आर्द्रभूमियों के संरक्षण, वैज्ञानिक प्रलेखन एवं डिजिटल मॉनिटरिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक

SHARE:

:- रवि शंकर अमित!

बेगूसराय वन प्रमंडल में आज आर्द्रभूमियों के संरक्षण, वैज्ञानिक प्रलेखन एवं डिजिटल मॉनिटरिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कांवर झील क्षेत्र बेगूसराय में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में स्थित आर्द्रभूमियों के संरक्षण कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाना तथा क्षेत्रीय वनकर्मियों को आधुनिक तकनीक आधारित कार्य प्रणाली से जोड़ना रहा।

बैठक में बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण द्वारा राज्यभर में संचालित आर्द्रभूमि सर्वेक्षण एवं संरक्षण कार्यक्रम की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विकसित “सेव बिहार वेटलैंड्स” मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से आर्द्रभूमियों का विस्तृत दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। इस एप्लीकेशन के जरिए जल गुणवत्ता, जैव विविधता, पारिस्थितिक महत्व, अतिक्रमण एवं अन्य पर्यावरणीय खतरों से संबंधित सूचनाओं का संग्रह किया जा रहा है।

बैठक के दौरान क्षमता निर्माण पहल के तहत आर्द्रभूमि विशेषज्ञ डॉ सरोजा कुमार बरिक ने बेगूसराय वन विभाग के वन रक्षकों एवं क्षेत्रीय वनकर्मियों को मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, आर्द्रभूमि संबंधी आंकड़ों के संकलन, जियो-टैगिंग, जैव विविधता प्रलेखन तथा आर्द्रभूमियों पर पड़ने वाले खतरों की रिपोर्टिंग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के माध्यम से वनकर्मियों को डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया गया ताकि संरक्षण कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित की जा सके।

कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि आर्द्रभूमियां पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, भूजल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए इनके संरक्षण एवं सतत प्रबंधन के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं वनकर्मियों को निर्देश दिया गया कि जिले की सभी चिन्हित आर्द्रभूमियों का समयबद्ध तरीके से सर्वेक्षण एवं प्रलेखन कार्य पूर्ण किया जाए तथा संरक्षण संबंधी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम के माध्यम से बेगूसराय वन प्रमंडल द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं पारिस्थितिक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।

Join us on:

और पढ़ें