रिपोर्ट- आशुतोष पांडेय!
क्रांति के कवि निराला की रचनात्मकता बेजोड़ है:प्रो.बलिराज ठाकुर
भोजपुर जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला ‘की जयंती सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो.बलिराज ठाकुर की अध्यक्षता में मनाई गयी ।साथ ही पद्मश्री सम्मान प्राप्त डॉ.भीम सिंह ‘भवेश ‘ का सम्मेलन की ओर से सम्मान किया गया ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.भीम सिंह ‘भवेश ‘ और विशिष्ट अतिथि प्रो.महेश सिंह थे।कार्यक्रम का शुभारंभ मॉ सरस्वती और निराला जी के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ ।सम्मेलन के प्रधान मंत्री डॉ.नंदजी दूबे के स्वागत भाषण और उनके द्वारा विषय प्रवेश के बाद डॉ.भीम सिंह ‘भवेश ‘को फूल माला और अंग वस्त्र भेंट कर उनका सम्मान किया गया ।वक्ताओं ने भवेश जी की कर्मठता की भूरि -भूरि प्रशंसा की ।अध्यक्षीय संबोधन में डॉ.बलिराज ठाकुर ने कहा कि आधुनिक हिंदी कवियों में निराला का व्यक्तित्व सर्वाधिक क्रांतिकारी रहा है ।उनकी रचनात्मकता बेजोड़ है ।अजेय पौरूष और अप्रतिम प्रतिभा के प्रतीक निराला जी हिंदी साहित्य में नए मानवतावाद के प्रतिष्ठापक हैं ।डॉ.दिवाकर पांडेय ने कहा कि आधुनिक कवियों में निराला जी का विशिष्ट स्थान है ।इनके समकक्ष दूसरा कोई नहीं ।डॉ.अयोध्या प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि निराला जी भूत,भविष्य और वर्तमान हैं ।कवि समीक्षक जितेन्द्र कुमार ने विस्तार से निराला के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला ।शिवदास सिंह,डॉ.नथुनी पाण्डेय,अलख अनाड़ी,अरविंद कुमार सिंह,जनार्दन मिश्र,जगतनंदन सहाय,राकेश तिवारी,शरद कवि,डॉ.सत्यनारायण उपाध्याय,डॉ.कमल कुमारी,डॉ.ममता मिश्र ने भी कवि निराला के जीवन पर प्रकाश डाला साथ ही शशिकांत तिवारी,डॉ.रेणु मिश्र,मधु मिश्र सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे ।प्रगतिशील विचार के साहित्यकार और समाजसेवी पवन श्रीवास्तव के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़कर उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया ।




