रिपोर्ट- अमित कुमार!
चिराग पासवान ने नई पार्टी कार्यालय में किया गृह प्रवेश, बोले- पिता के सपनों को पूरा करूंगा, 2025 में एनडीए की 225+ सीटें लक्ष्य
“लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने आज पटना में अपनी नई पार्टी कार्यालय में गृह प्रवेश किया। इस खास मौके पर उनके परिवार के सदस्य, पार्टी के सांसद, और नेता उपस्थित रहे। चिराग ने इस अवसर पर अपने पिता रामविलास पासवान के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की 225 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा। आइए देखते हैं इस कार्यक्रम की पूरी रिपोर्ट।”
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पटना में चिराग पासवान ने अपनी नई पार्टी कार्यालय में गृह प्रवेश किया। इस अवसर पर उनकी मां, परिवार के अन्य सदस्य, पार्टी के सांसद और तमाम नेता मौजूद रहे। चिराग ने कहा, “यह वही स्थान है जहां मेरे पिता रामविलास पासवान ने नई पार्टी की शुरुआत की थी। लंबे समय तक यहां रहकर उन्होंने बिहार को विकास की राह पर आगे ले जाने का कार्य किया। अब मुझे यह स्थान पुनः मिला है, और मैं यहां से उनके अधूरे सपनों को पूरा करूंगा।”
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर चिराग ने एनडीए गठबंधन के लिए 225+ सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी झारखंड में जीत दर्ज कर चुकी है और बिहार में भी हमारा प्रदर्शन बेहतरीन रहेगा।” चिराग ने तेजस्वी यादव के दावों को खारिज करते हुए कहा, “तेजस्वी यादव लोकसभा और उपचुनावों में भी बड़े-बड़े दावे करते थे, लेकिन परिणाम सबके सामने हैं। हमारा हंड्रेड परसेंट स्ट्राइक रेट रहा है।”
सीट बंटवारे को लेकर चिराग ने कहा, “गठबंधन में पहले चर्चाएं होंगी और फिर बातें सार्वजनिक होंगी। हमारा लक्ष्य नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाना है।”
कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के ईवीएम की जगह पोस्टल बैलट से चुनाव कराने के बयान पर चिराग ने तंज कसते हुए कहा, “जहां उनकी सरकार बनती है, वहां ईवीएम ठीक है, और जहां हारते हैं, वहां ईवीएम में गड़बड़ी दिखती है।”
वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामे पर चिराग ने सरकार का पक्ष लेते हुए कहा, “सरकार ने जेपीसी गठित कर दी है, अब इस पर राजनीति करना ठीक नहीं।”
आनंद मोहन के बयान पर चिराग ने कहा, “अगर वह गठबंधन के नेता हैं, तो इस तरह की बातें गठबंधन के भीतर रहकर ही करें।”
चिराग के इस बयान और उनके पार्टी कार्यालय के शुभारंभ ने बिहार के सियासी माहौल को और गर्मा दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले चुनावों में एनडीए अपने लक्ष्यों को कैसे पूरा करता है।




