गंगा का बढ़ता जलस्तर, दिखा रही तबाही का मंजर!

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धीरज शर्मा भागलपुर

भागलपुर जीवनदायिनी गंगा अब लोगों की जान लेने पर आमदा है। हर गुजरते दिन के साथ गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। उफनती धारा अपने रास्ते में आनेवाली हर चीज को बहा ले जा रही है। खेत खलिहान घर मकान और दुकान सब गंगा के कहर में समाता जा रहा है। जिले के कहलगांव अनुमंडल के शहरी इलाके में भी बाढ़ के पानी ने दस्तक देकर वहां रहने वाले लोगों को बेचैन कर दिया है। जिस एन एच 80 पर गाड़ियां फर्राटा भरती थी आज वहां गंगा की जलधारा बह रही है। जीरोमाइल के रास्ते सबौर जानेवाले राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 80 पर इंजीनियरिंग कॉलेज के पास से ही बाढ़ का रौद्र रुप दिख रहा है। कॉलेज के भीतर बाढ़ का पानी लबालब भरा है। मुख्य द्वार के बाहर से लेकर रोड पर बाढ़ का पानी बह रहा है। लगातार सात दिनों से है। गंदे पानी से दुर्गंध आ रही है। जो बीमारी को दावत दे रहा है। यहां एन एच से होते हुए रोड के दूसरी तरफ आवासीय इलाके को बाढ़ का पानी अपनी जद में ले रहा है।वहीं बीच सड़क पर कहीं दो से तीन फीट तो कहीं इससे ज्यादा पानी है। रोड का कोई अता पता नहीं है। सड़क उखड़ चुकी है और कहां कितनी गहराई है यह पता नहीं चल पा रहा है। फिर भी लोग इसी बाढ़ के पानी के बीच पैदल और वाहन से आ जा रहे हैं। कभी भी यहां दुर्घटना हो सकती है। इसके आगे घोषा टोला पहुंचने पर स्थिति और भयावह है। सबौर प्रखंड से महज दो किलोमीटर की दूरी पर भागलपुर को कहलगांव से जोड़नेवाली सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। यहां गंगा ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है जिसका मंजर साफ साफ दिख रहा है। खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा बांस से बैरीकेडिंग कर दी गयी है। सरकारी नाव की सुविधा नहीं है। लिहाजा लोग प्राइवेट नाव द्वारा अपने घरों तक जा रहे हैं। नाव वाले भी पीड़ितों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए दुगुनी राशि वसूल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी राहत के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।

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