रचना – अनमोल कुमार
डॉक्टर :- कितनी उम्र है आपकी और क्या तकलीफ है आपको ??.
सतीश :- डॉक्टर साहब, मैं 65 साल का हो गया हूं, रोज रात को सोते हुए मुझे यह डर लगता है कि मेरे पलंग के नीचे कोई छुपा हुआ है…..
इस वजह से मुझे नींद नहीं आती है.!
डॉक्टर :- इसके लिए आपको 6 महीने तक लगातार, हर हफ्ते आना पड़ेगा ।
सतीश :- कितना खर्च होगा डॉक्टर साहब ??
डॉक्टर :- यही कोई 40-50 हजार रुपये.!
6 महीने बाद रास्ते में डॉक्टर को सतीश दिखता है…
डॉक्टर :- क्या हुआ सतीश, तुम तो वापस इलाज के लिए आए ही नहीं ?
सतीश :- डाक्टर साहब, मेरे एक मित्र ने मेरा इलाज कर दिया.!
डॉक्टर :- क्या बात है, ऐसा आपके दोस्त ने क्या इलाज किया..
सतीश :- कुछ नहीं, बस उसने कहा कि…
पलंग बेच दे..और गद्दा जमीन पर बिछा कर सोया कर ।
बस यही कर रहा हूँ.!
Moral of story is….
डॉक्टर के पास जाने के पहले, अपने मित्रों से चर्चा कर लिया करें.!
क्योंकि…मित्रता वह दवा है जो कभी expire नहीं होती.!
जहां मित्र होते हैं वहां आपको कुछ ना कुछ रास्ता जरूर मिलता है।
हमेशा खुश रहें मस्त रहें व्यस्त रहें ….
ज़िन्दगी में हँसते




