रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
– नेपाल और भारत के बीच ऑनलाइन भुगतान हुआ शुरू, यूपीआई और फोन-पे से होगा लेन-देन। भारतीय उठा सकते हैं लाभ, नेपाली नागरिक को करना होगा अभी और इंतजार
ऐंकर– मधुबनी नेपाल और भारत के बीच अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन भुगतान सेवा अब से शुरू हो गई है। नेपाल के पेमेंट ऑपरेटर फोन-पे और भारत के नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के बीच हुए समझौते के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय पेमेंट सेवा अब शुरू हो गई है। लेकिन अभी भारतीय पर्यटक नेपाल में फोन-पे क्यूआर कोड के जरिए भुगतान कर सकते हैं। हालांकि अभी नेपाली नागरिकों को भारत में क्यूआर कोड के जरिए भुगतान के लिए कुछ और समय इंतजार करना होगा। नेपाल राष्ट्र बैंक से फोन-पे को मंजूरी मिलते ही नेपाल में फोन-पे ग्राहक भारत में क्यूआर कोड से ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे।
यहां बताना जरूरी है कि कैसे लाभ उठा सकते हैं इस अंतराष्ट्रीय भुगतान सेवा का….
इस सेवा का लाभ उठाने के लिए, भारतीय उपयोगकर्ताओं को फोन पे या भीम ऐप में अंतर्राष्ट्रीय यूपीआई भुगतान सक्रिय करना होगा। इसके बाद भारतीय नेपाल आने पर फोन-पे क्यूआर कोड को स्कैन करके भुगतान कर सकते हैं। नेपाली नागरिक भारत में भीम यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं और भारतीय नेपाल में फोन-पे भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोग करके क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। अब तक आधा दर्जन से अधिक बैंक अंतरराष्ट्रीय भुगतान के लिए ई-सेवाओं, पॉकेट वॉलेट से जुड़ चुके हैं। भुगतान के लिए सेवा शुल्क वॉलेट और वित्तीय संस्थान तय करेंगे।
नेपाली नागरिक को करना होगा अभी और इंतजार, भारतीय उठा सकते हैं लाभ।
नेपाल के पेमेंट ऑपरेटर फोन-पे और भारत के नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के बीच हुए समझौते के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय पेमेंट सेवा अब शुरू हो गई है। लेकिन अब भारतीय पर्यटक नेपाल में फोन-पे क्यूआर कोड के जरिए भुगतान कर सकते हैं। हालांकि अभी नेपाली नागरिकों को भारत में क्यूआर कोड के जरिए भुगतान के लिए कुछ और समय इंतजार करना होगा। नेपाली लोग भारत में ऑनलाइन भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि नेपाल राष्ट्र बैंक ने फोन-पे को मंजूरी नहीं दी है। मंजूरी मिलते ही नेपाल में फोन-पे ग्राहक भारत में क्यूआर कोड से भुगतान कर सकेंगे।
पिछले साल हुआ समझौता अमल में आने पर खुश दिखे दोनों देश के नागरिक।
पिछले साल मई महीने में नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की भारत यात्रा के दौरान अंतर्राष्ट्रीय भुगतान पर एक समझौता हुआ था। प्रचंड और उनके समकक्ष नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एनआईपीएल के सीईओ रितेश शुक्ला और एनसीएचएल के सीईओ नीलेश रमण सिंह प्रधान के बीच एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया था। ऑनलाइन भुगतान शुरू होने से इंडो नेपाल अंतराष्ट्रीय सीमा के दोनो ओर के नागरिक काफी प्रसन्न दिखे। नेपाल के जनकपुर के निवासी विवेक साह एवं लहान निवासी प्रवीण प्रधान ऑनलाइन भुगतान सेवा शुरू होने से काफी खुश दिखे। तो भारतीय नागरिक प्रेम कुमार झा, देवनारायण साह और कांग्रेस नेता प्रोफेसर शीतलाम्बर झा ने इस फैसले का स्वागत किया और उन्होंने बताया की इससे व्यापार भी बढ़ा है। नगद रुपए ले जाने का एक लिमिट था साथ भी बॉर्डर पर सुरक्षा बलों के द्वारा काफी पूछताछ की जाती थी और लूट का भी डर रहता था, अब वो दिक्कत नही है। हमें उम्मीद है की नेपाली लोग भी जल्द ही भारत में ऑनलाइन भुगतान सेवा का लाभ उठा सकेंगे। जिससे की आज की बदलती डिजिटल दुनिया में अपडेट रह सकें।




