रिपोर्ट- पंकज कुमार!
बे मौसम बरसात में एक तरफ जहां किसानों के रबी फसल को क्षति पहुंचाई है वहीं कड़ी मेहनत कर मां सरस्वती के मूर्ति बना रहे कलाकारों के भी आशा पर पानी फेर दिया है। जहानाबाद जिला मुख्यालय से लेकर आसपास के इलाके में कई जगहों पर मां सरस्वती की प्रतिमा बनाने का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। आगामी 14 फरवरी को सरस्वती पूजा है। नतीजातन मूर्तिकार मूर्ति बनाने में जोर-शोर से जुड़े हुए थे कि बीते रात्रि अचानक मौसम ने करवट लिया और झमाझम वर्षा होने लगी वर्ष होते हैं खुले में रखे मां सरस्वती के कई प्रतिमा जो अर्धनिर्मित थे उसके मिट्टी गल कर गिरने लगा। जिसके कारण मूर्तिकारों को काफी नुकसान सहना पड़ा है मूर्तिकार भगवान इंद्र से गुहार लगा रहे हैं कि अब ज्यादा बृह नहीं हो क्योंकि अगर अधिक बारिश होगी तो मूर्तिकारों को और भी अधिक नुकसान होगी। मूर्तिकार का कहना है कि बे मौसम बरसात में हम लोगों के आशा पर पानी फेर दिया काफी मेहनत कर हम लोग मां सरस्वती के प्रतिमा बनाने में जुटे हुए हैं कई दिनों का मेहनत पर बीते रात्रि हुई वर्षा ने पानी फेर दिया है। ऐसी स्थिति में एक बार फिर हम लोगों को कर्ज पर पैसा लेकर मूर्ति बनाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उपर से सरकार के द्वारा हम लोगों को किसी प्रकार का कोई सहायता नहीं किया जाता है जिसके कारण इधर-उधर से कर्ज एवं उधर का पैसा लेकर मूर्ति का मूर्ति बनाने को मजबूर होते हैं मूर्तिकार ने सरकार से गुहार लगाई है कि जो नुकसान हम लोगों को बारिश से हुई है उसका क्षति का आकलन कर सरकार हम लोगों को मुआवजा दे ताकि आने वाले दिनों में हम लोग कर्ज का पैसा ना लें और अपना परिवार का भरण पोषण अच्छे ढंग से कर सके।




