:- रवि शंकर अमित!
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा उद्वह परियोजना से मोकामा के आधा दर्जन किसान बर्बाद हो गए।इस प्रोजेक्ट के भल्व नंबर तेरह में रिसाव होने से कई बीघे में टाल की फसल बर्बाद हो गयी है।किसानों ने बताया कि भल्व नंबर तेरह में लीकेज से अचानक गंगा जल का बहाव होने लगा।पानी के इस बहाव से आस पास की फसल बर्बाद हो गई ।सूचना पाकर मेघा कंपनी में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कंपनी की तकनीकी टीम ने क्षतिग्रस्त भल्व की मरम्मत की,तब जाकर पानी का बहाव बंद हुआ।पीड़ित किसानों ने आरोप लगाया कि गंगा जल से आधा दर्जन किसानों की फसल बर्बाद हो गई है, जबकी 5 साल बाद टाल में इस वर्ष बुआई संभव हो पाया हैँ।
दूसरी ओर कंपनी के अधिकारियों ने बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा किसानों को देने आश्वासन दिया है।उल्लेखनीय है कि इस प्रोजेक्ट के तहत हाथीदह से गंगा नदी का जल नालंदा,नवादा और गया पहुंचाया जा रहा है, और उद्घाटन के वक्त मुख्यमंत्री ने कहा था की बाढ़ के दिनों में सिर्फ चार महीने ही पानी गंगा से लिफ्ट कर ले जाया जयेगा, फिर बड़ा सवाल ये की अगर पानी ले जाया नहीं जा रहा हैँ तो लीकेज कैसे हुआ? इस सवाल पर कम्पनी के अधिकारीयों ने गोल मोल जबाब देकर पल्ला झाड़ लिया!
बाइट- मनोज सिंह ,तकनीकी अधिकारी।बाइट- लल्लू सिंह,किसान।




