रिपोर्ट – मनोज कुमार!
पकरीबरावां एसडीपीओ महेश चौधरी के नेतृत्व में स्थानीय व जिला आसूचना कार्यालय की छापेमारी पुलिस टीम ने सोमवार को थाना क्षेत्र के अपसढ़ का टोला वेलदारिया में छापेमारी की गई। मौके पर पांच सायबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। जिसके पास से डेढ़ लाख रुपये नकदी, एक एचपी कंपनी का लैपटॉप, आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा कई पन्नो का ग्राहक डेटा बरामद हुआ। इस बाबत मंगलवार को पकरीबरावां के एसडीपीओ महेश चौधरी ने प्रेसवार्ता आयोजित कर जानकारी देते हुए कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर सायबर अपराधियों के विरुद्ध विशेष छापेमारी की गई है। जिसमें 05 आरोपी गिरफ्तार हुए। जिनके पास से प्राप्त मोबाइल फोन्स की सघन जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले है। साथ ही आरोपियों के मोबाइल से राशि के ट्रांसफर की सूचनाएं प्राप्त हुई है। गिरफ्तार अपराधियो में वेलदारिया गांव के श्याम किशोर चौहान का पुत्र दिवाकर कुमार तथा अजय कुमार, स्व राम शरण चौहान का पुत्र अशोक कुमार तथा रत्न कुमार एवं पकरीबरावां थाना के महेशपुर ग्रामीण मोचन चौहान का पुत्र शैलेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अपराधियो ने अपने स्वीकारोक्ति व्यान में कहा है कि वे एक संगठित गिरोह के सरगना के निर्देश पर कार्य करते है। उन्हें राशि ठगी करने के एबज में 30 फीसदी राशि हिस्सेदारी मिलती है। अपराधियों के मोबाइल फोन के ट्रांजेक्शन हुई राशि की गहन जांच पड़ताल की जा रही है। बता दें कि अभी तीन दिनों पूर्व भी पुलिस छापेमारी में थाना क्षेत्र के चकवाय गांव में नृत्यांगनाओं के साथ पार्टी करते 17 सायबर ठगों की गिरफ्तारी हुई थी। जबकि प्रखण्ड क्षेत्र के उतरी हिस्से के एकाध को छोड़ प्रायः सभी गांवो में सायबर अपराधी सक्रीय है। जिससे जुड़कर कम समय व कम उम्र में लोग अमीर बन रहे है। क्षेत्र के कुछेक सरगना ठगों द्वारा धंधे से करोड़ो रूपये अर्जित किया है। बड़े शहरों में अपना खुद का मकान एवं लग्जरी वाहन खरीदना इनका प्रथम शौख होता है। साथ ही कमाई अच्छी होने पर पार्टियां मनाना आम बात हो चुकी है। इसी वजह से छोटे से कस्वाई बाजार वारिसलीगंज में दूर दराज के महानगरों में रहने वाली नृत्यांगना वारिसलीगंज को पड़ाव बना रखी है। ताकि जब चाहे पार्टी का आयोजन किया जा सके।
अब तक ही चुकी है सैकड़ो गिरफ्तारी:-
क्षेत्र में बढ़ते सायबर अपराध चिंता का विषय है। क्योंकि इस धंधे में 12 वर्ष के नावालिग से लेकर 40 वर्ष तक उम्र के युवक युवतियां सायबर ठगी का बजपता प्रशिक्षण प्राप्त कर ठगी को कमाई का मुख्य जरिया बना लिया है। हलांकि बिहार समेत देश के विभिन्न राज्यो की पुलिस वारिसलीगंज पहुंचकर सैकड़ो ठगों को गिरफ्तार कर ले जाती है। चूंकि इस मामले में कुछ समय जेल में रहने के बाद अपराधी मुक्त होकर बाहर निकलते ही पुनः अपने धंधे में जुट जाता है। फलतः पुलिस चाह कर भी धंधे को समाप्त नहीं कर पा रही है। जानकारी के अनुसार ठगी के धंधे में कई सफेदपोश भी जुड़े है। जिनको अपनी राजनीतिक कार्यक्रमो के लिए धन की आवश्यकता की पूर्ति की जाती है। जबकि कई ठग बड़े महानगरों जैसे कोलकाता, पटना तथा रांची आदि महानगरों के रिहायशी इलाकों में महंगी जमीन खरीदकर आराम का जीवन व्यतीत करते हुए वही से धंधे का नेतृत्व कर रहे है।





1 thought on “गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी, पांच सायबर ठग गिरफ्तार, नकदी व मोबाइल बरामद!”
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