धीरज शर्मा की रिपोर्ट
शुक्रवार को पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगाकोठी भागलपुर के प्रांगण में भैया बहनों द्वारा रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम का प्रारंभ भागलपुर विभाग के विभाग सह प्रमुख विनोद कुमार, प्रभारी प्रधानाचार्य जितेंद्र प्रसाद एवं कक्षा तृतीय की बहन पलक द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
विनोद कुमार ने कहा कि रंगोली भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा एवं लोक कला है। रंगोली बनाकर घरों को सजाने का प्रयोजन सजावट एवं सुमंगल है। रंगोली बनाने का शौक स्वयं भैया बहनों की कल्पना का आधार है साथ ही नित नवीन सृजन करने की भावना का प्रतीक भी है।
प्रभारी प्रधानाचार्य जीतेंद्र प्रसाद ने कहा कि रंगोली धार्मिक सांस्कृतिक आस्थाओं का प्रतीक है। यह आध्यात्मिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अंग माना गया है। रंगोली जीवन दर्शन का प्रतीक है। विद्यालय में दीपावली अवकाश से पूर्व रंगोली कार्यक्रम आयोजित किया जाता है जिससे पर्व त्योहार के अवसर पर भैया बहन अपने घरों को सजा सके। इस प्रकार के कार्यक्रमों से भैया बहनों के अंदर कौशल एवं विविधतायुक्त कलात्मक अभिरुचि जागृत होती है।
रंगोली प्रतियोगिता में कक्षा द्वितीय से पंचम तक के लगभग 180 भैया बहनों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा दिखाते हुए बेहतरीन रंगोली को आकार दिया। कक्षा अरुण ,उदय एवं प्रथम के भैया बहनों ने चित्र प्रतियोगिता में भाग लेकर सुंदर सुंदर चित्र निर्माण किया तृतीय की बहन पलक के जन्म दिवस पर विद्यालय परिवार द्वारा बधाई एवं शुभकामना दिया गया ।
क्षेत्रीय गणित विज्ञान मेला औरंगाबाद में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा पंचम की बहन विदिशा मिश्रा ने विज्ञान मॉडल में द्वितीय स्थान प्राप्त किया उन्हें विद्यालय परिवार द्वारा बधाई एवं शुभकामना दी गई।
भैया बहनों ने इस अवसर पर संकल्प लिया दिवाली उत्सव मनाना है पटाखा नहीं छोड़ना है।
इस अवसर पर विनोद कुमार, जितेंद्र प्रसाद,अशोक मिश्र,अजय कुमार,शशि भूषण मिश्र, मनोज तिवारी, सुबोध झा, नरेंद्र कुमार, अभिजीत आचार्य, अमर ज्योति,दीपक कुमार,शशिकांत गुप्ता ,उपेंद्र प्रसाद साह, संजीव ठाकुर ,सुबोध ठाकुर ,गोपाल प्रसाद सिंह ,अंजू रानी, सुप्रिया कुमारी, कविता पाठक, ललिता झा एवं रेणू कुमारी उपस्थित थे।




