रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-
नीतीश से पूछा-करोड़ों में टिकट बेचने के आरोपी उपेंद्र किस नदी में नहाकर स्वच्छ हो गये
2019 में कुशवाहा के सबसे करीबी ने सबूत संग घूसखोरी की पोल खोली थी
पटना : भ्रष्टाचार के जरिए अकूत धन बनाने के आरोप पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को जदयू की ओर से नोटिस भेजा गया है, जिसमे उन पर 9 साल में 40 बीघा जमीन खरीदने का भी आरोप लगाया है। वही, जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने नीतीश कुमार से सीधा सवाल पूछा है- आरसीपी बाबू पर भ्रष्टाचार का किसी ने कोई आरोप नहीं लगाया है लेकिन करोड़ों रूपये लेकर टिकट बेचने के आरोपी उपेंद्र कुशवाहा किस नदी में नहाकर स्वच्छ हो गये हैं? क्या उपेंद्र कुशवाहा को इसलिए जदयू संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है कि वे पैसा वसूली कर और अवैध संपत्ति अर्जित कर सकें?
बता दें कि तीन साल पहले 2019 में उपेंद्र कुशवाहा के सबसे करीबी माने जाने वाले व्यक्ति ने सबूत के साथ उनकी घूसखोरी की पोल खोली थी। उपेंद्र कुशवाहा उस वक्त राष्ट्रीय लोक समता पार्टी चलाते थे। 2019 में मीडिया के सामने प्रेस कांफ्रेंस कर रालोसपा के महासचिव प्रदीप मिश्रा ने उपेंद्र कुशवाहा के पैसा वसूली की पोल खोली थी। प्रदीप मिश्रा ने मीडिया को बताया था कि कुशवाहा ने उन्हें मोतिहारी संसदीय सीट से टिकट देने का भरोसा दिलाकर पैसे वसूले थे। टिकट देने का आश्वासन देकर उपेंद्र कुशवाहा ने उनसे 90 लाख रुपये ऐंठ लिए थे, लेकिन बाद में इस सीट को कहीं ज्यादा पैसों में बेच दिया गया था।
आरसीपी सिंह के करीबी माने जाने वाले नेता कन्हैया सिंह ने कहा कि 2019 में प्रदीप मिश्रा नाम के शख्स ने उपेंद्र कुशवाहा की पैसा वसूली का पूरा सबूत दिया था। मिश्रा ने कागजातों के साथ ये बताया था कि चुनावी टिकट के लिए उन्होंने 45-45 लाख के दो चेक दो किस्तों में उपेंद्र कुशवाहा के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नई दिल्ली स्थित पार्लियामेंट शाखा के खाते में जमा करवाए थे।
कन्हैया सिंह ने कहा कि प्रदीप मिश्रा ने बकायदा सबूत दिया था कि उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा और उनके परिवार को कई दफे विदेश यात्रा करायी थी। घूमने, रहने-खाने से लेकर शॉपिंग तक का बिल उन्होंने दिया था। उपेंद्र कुशवाहा टिकट देने के लिए इस तरह की सारी वसूली कर रहे थे।




