रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
बेनीपट्टी के समदा गांव में जेसीबी से खोदकर छोड़े गये गड्ढे में डूबने से फिर एक युवक की गई जान, पसरा मातम
ऐंकर– मधुबनी जिले के विभाग क्षेत्रों से आए दिन जेसीबी से बेतरतीब खोदे गये गढे मे डूबने से मरने वालो की संख्या लगातार बढती ही जा रही है। पिछले कुछ वर्षो मे ऐसे जानलेवा साबित हो रहे गढे मे डूबने से जहाँ एक साथ चार चार, पांच पान जाने जाती रही है वही खनन विभाग की निकम्मे पन की भेट एक युवक को चढने से जान जाने की बात सामने आ रही है। मामला बेनीपट्टी थाना के समदा गांव की बताई जा रही है। जहाँ सोमवार की दोपहर मवेशी चराने गये एक युवक की जेसीबी से खोदकर छोड़े गये गड्ढे के पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बेनीपट्टी थाना के ही समदा गांव वार्ड 10 के मंगनू यादव का पुत्र देवचंद्र यादव, 20 वर्ष के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि युवक रोजा के तरह सोमवार को भी सुबह मवेशी चराने के लिये समदा-सोहरौल गांव के सीमा के पास स्थित बधार में गया था। इसी दौरान मवेशियों को नहलाने धोने के क्रम में वह जेसीबी से खोदकर छोड़े गये गड्ढे के पानी में चला गया। जहां गड्ढे की गहराई अधिक होने के कारण वह अनियंत्रित होकर गहरे पानी में चला गया। जिससे उसकी मौत हो गई। उधर, काफी देर तक युवक के वापस नहीं लौटने पर घर एवं गांव वालो को आशंका हुई तो खोजबीन शुरू की गई। इसी क्रम में गड्ढे के किनारे यूवक का चप्पल और छाता पड़ा देखकर गांव के लोगों ने खोजबीन शुरू की। जहां गड्ढे में युवक के डूबने की खबर फैलते ही देखते ही देखते लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने गड्ढे के पानी में कूदकर खोजबीन की तो काफी प्रयास के बाद पानी से युवक का शव बरामद हो सका। इसके बाद घटना की सूचना परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव को पानी से बाहर निकाला जा सका। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की मां सहित सभी परिजन परिजन दहाड़ें मारकर रोने विलखने लगे। बताया जा रहा है कि मृतक चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। मृतक के दो पुत्र और दो पुत्रियां है। इधर स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना बेनीपट्टी थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की जांच में जुट गई। बताया जा रहा है कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। घटना के बाद समदा गांव समेत आसपास के इलाके में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।



