पंकज कुमार ठाकुर
नेतागिरी अब सेवा नहीं एक जुआ है।
जीते तो एक का एक सौ के हिसाब से वसूली!
हारे तो हरिनाम…! सबका pc सेट है।
मैडम/सर चिल्लर समेटने में बदनाम होते रहे।
भाई स्मार्ट तरीके से लूटपाट करते हुए भी हरिश्चंद्र बना रहा।
करोड़ों बह गए पानी में फिर भी प्रखंड की जनता प्यासी रह गई!
आवेदन से लेकर FIR तक का दौर जारी है। बेचारे नए प्रतिनिधि को ही जबरदस्त ओले पड़ रहे हैं ।
धूमिल की निन्म लाइनें यहां सटीक बैठ रही हैं:-
हमने हर एक को आवाज दी है
हर एक का दरवाजा खटखटाया है
मगर जिसकी पूंछ उठाई
उसको मादा पाया है
वर्तमान विधायक जी लिख रहे कोई समस्या हो तो बताइए।
महात्मन…! समस्याओं की झड़ी है, हई अब समझ आया, ओने लाइन होगा सब का?
दुर्भाग्य तो झेलना ही होगा
कोई गोद लेकर मजे ले रहा है तो कोई गोद में बैठकर मजा लूट रहा है…!




