ब्यूरो रिपोर्ट
सोमवार को यहां पथ प्रमंडल दुमका की ओर से लगाया गया विद्रोह के इतिहास से जुड़ा होर्डिंग
रानीश्वर(दुमका)
जिला प्रशासन ने संथाल विद्रोह के मार्मिक इतिहास से जुड़े मयूराक्षी नदी के आमजोड़ा घाट एवं दिगुली गांव के संथाल काटा पोखर को ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल शुरू कर दी हैं। सोमवार को पथ प्रमंडल दुमका की ओर से यहां विद्रोह के इतिहास का होर्डिंग लगाया हैं।संथाल काटा पोखर स्मारक समिति के सदस्यों ने जिले के उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला को आवेदन देकर इस पोखर को धरोहर घोषित करने की मांग की थी। दुमका के विधायक बसंत सोरेन एवं डीसी ने तालाब का जायजा लेकर वीकास की पहल तेज कर दी हैं । हाल ही में राज्य सरकार के ट्राईबल रिसर्च इंस्टीट्यूट के रिसर्चर महादेव माहातो ने यहां आकर उस तालाब एवं आसपास के इतिहास का अध्ययन किया हैं ।साथ ही स्मारक समिति के अध्यक्ष श्याम राय ,सचिव गौतम चटर्जी ,सकील खान ,सुभाष पहाड़िया से जानकारी ली हैं|विस्तृत चर्चा के बाद श्री माहातो ने ट्राई की ओर से कोलकाता के अर्काइव से आंदोलन से जुड़े दस्तावेज संग्रह करने पर बल दिया हैं । पथ निर्माण प्रमंडल दुमका के कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार सिंह ने यहां उस पोखर के पास विशाल होर्डिंग लगाया हैं ।साथ ही रानीश्वर बाजार में भी उस पोखर की सूचना का पथ प्रदर्शक होर्डिंग लगाया है ।




