ब्यूरो रिपोर्ट शंखनाद
फतेहपुर थाना प्रभारी का अमानवीय कृत्य उजागर, रक्षक ही बन गए भक्षक
कहते हैं पुलिस असहायों व पीड़ितों की सेवा के लिए तत्पर रहती है। जब किसी को कोई समस्या होती है या कोई पीड़ित होता है तो एक सहारा पुलिस ही होती है। परन्तु फतेहपुर थाना प्रभारी सुमन कुमार का अमानवीय चेहरा सामने आया है। फतेहपुर थाना पुलिस पर महाराष्ट्र के प्लेट बेचने वालों ने अभद्र अश्लील गंदी गालियां देने व फतेहपुर में ठहरने नहीं देकर रात को ही भगाने का आरोप लगाया है। बताते चलें कि महाराष्ट्र से फेरी का बिजनेस करने आए कुछ लोग मधुपुर से फतेहपुर रास मेला में प्लेट बेचने पहुंचे थे। देर शाम मधुपुर के चार अज्ञात युवकों ने महाराष्ट्र के प्लेट व्यपारी अक्षय अंकुश पवार पर जबरन मोबाइल चोरी का आरोप लगाते हुए जबरन गाड़ी में बैठाकर मधुपुर थाना ले गए। युवक के परिजनों ने पूछा तो बताया कि मधुपुर पुलिस के बताए मोबाइल लोकेशन के आधार पर थाना ले जाने आये हैं। जब महिलाओं ने किसी अनजान के द्वारा इस तरह ले जाते देखा तो रोने लगी|सूचना पाकर फतेहपुर थाना प्रभारी सुमन कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों वालों को सांत्वना देने की जगह चोर कहकर धमकाने लगे|फतेहपुर थाना प्रभारी ने महिलाओं को अश्लील गालियां देते हुए रात को ही जबरन मधुपुर भेज दिया। महाराष्ट्र के प्लेट व्यपारियो के दल में अक्षय अंकुर पवार की गर्भवती पत्नी भूरी अक्षय पवार समेत दो बच्चे व दो दिव्यांग ब्यक्ति शामिल है। ललिता नितिन घोसले ने रात में थाना प्रभारी से बार बार बिनती की औऱ कहा कि रात को पानी गिर रहा है। बच्चे समेत सभी लोग खाना तक नहीं खाये हैं। रात भर रुकने दीजिये साहेब सुबह खुद चले जायेंगे। लेकिन थाना प्रभारी रुकने वाले कहां थे, पुलिसिया रोब झाड़ते हुए फतेहपुर से भगा दिया। व्यापारियों ने बगैर प्रसासन की अनुमति से लगाये गए मेला कमिटी पर भी आरोप लगाया कि लोगों ने महाराष्ट्र के व्यापारियों को खदेड़ दिया। रातभर अक्षय अंकुश को मधुपुर थाना हाजत में रखा गया और सुबह निर्दोष बताकर छोड़ दिया। गौरतलब है कि इस ठिठुरन भरी सर्दी में गरीब ब्यापारियो के साथ अमानवीय व्यवहार करना उचित कहा जा सकता है|




