ऋषिकेश की रिपोर्ट
जीवन की अंतिम पड़ाव में चंद रुपये जीवन को ढोने के लिये कितना मायने रखता है,इन दिनों प्रखंडो में देखा जा रहा है। इन दिनों सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभुकों का जीवन प्रामाणिकरन का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है,लेकिन व्यवस्था इतनी लचर की बृद्धा वस्था में भी हजारों लोगों को सत्यापन कराने के लिये प्रखंड कार्यालय का चक्कर काटना पड़ रहा हैं। भीषण शीतलहरी में भी बुजुर्ग व शरीर से लाचार लोग सुबह सात बजे से काउंटर बंद होने तक इंतजार में ही समय निकाल रहे है।डाटा ऑपरेटर करे भी तो क्या करे सर्वर कमजोर रहने के बजह से लोगों से खरी खोटी सुनकर मौन रहने के अलावा कोई रास्ता भी नही है।जीवन प्रमाणिकरन कराने आये लाभार्थी ने बताया कि तीन दिनों से प्रखंड आ रहा हूं, लेकिन भीड़ अधिक रहने के बजह से काउंटर तक नही पहुच पा रहा है।
बुद्धिजीवियों का मानना है कि समय पर सत्यापन कार्य समय रहते तभी संभव है जब हर पंचायतों के कार्यपालक सहायक को इस कार्य में लगाई लगाई जाएगी या फिर प्रखंड में ही हर पंचायतों के लिये अलग अलग काउंटर बनाये जाएगा।
उमड़ रही लाभार्थियों की भीड़: सोमवार को लाभार्थियों की भारी हुजूम उमड़ने के बजह से मंगलवार को दो काउंटर बनाया गया लेकिन सर्वर गडवड़ी रहने के बजह से सैकड़ो लाभार्थी को बिना सत्यापन कराये ही निराश होकर घर लौटना पड़ा।




