नवादा / सोनू सिंह ।
रजौली (नवादा): नवादा जिले के रजौली प्रखंड में घरेलू रसोई गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भारत गैस एजेंसी पर मनमानी, कालाबाजारी और उपभोक्ताओं के शोषण के गंभीर आरोप लग रहे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि गैस गोदाम परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और पुलिस की मौजूदगी में वितरण कराना पड़ा।
सुबह 4 बजे से लाइन, फिर भी खाली हाथ लौट रहे लोग
प्रखंड के डुमरकोल समेत कई गांवों से महिलाएं और बुजुर्ग अहले सुबह चार बजे से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लग जाते हैं। घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें गैस नहीं मिलती। आरोप है कि रसूखदार लोगों को अंदर ले जाकर पहले ही सिलेंडर दे दिया जाता है, जबकि आम उपभोक्ता दरवाजे पर खड़े रह जाते हैं। कई महिलाओं ने बताया कि होली से अब तक गैस नहीं मिली और हर बार “नया नंबर” लगाने को कहकर लौटा दिया जाता है।
बिना OTP के ‘डिलीवरी’, उपभोक्ताओं के साथ डिजिटल धोखाधड़ी
उपभोक्ताओं ने वितरण में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बुकिंग के बाद OTP मिलने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जाता, लेकिन मोबाइल पर ‘डिलीवरी हो गई’ का मैसेज आ जाता है। इससे साफ है कि कागजों पर ही गैस की आपूर्ति दिखाकर सिलेंडर कहीं और खपाया जा रहा है। विरोध करने पर एजेंसी कर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार और मारपीट तक की बात सामने आई है।
कालाबाजारी का खेल, बाजार में दोगुने दाम पर बिक रहे सिलेंडर
ग्रामीणों का आरोप है कि गोदाम से सिलेंडर की गाड़ियां सीधे बाजार में भेजी जा रही हैं, जहां एक सिलेंडर 2000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। वहीं लाइन में लगे लोगों को स्टॉक खत्म होने का हवाला दिया जाता है। इस स्थिति से लोगों में भारी आक्रोश है।
पुलिस के हस्तक्षेप से बनी स्थिति नियंत्रित
स्थिति बिगड़ने पर डायल 112 और रजौली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। इसके बाद प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अजीत कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान वितरण में अनियमितता और अतिरिक्त पैसे वसूली की बात सामने आई है।
जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने कहा कि शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है और रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए लोगों में अब भी संशय बना हुआ है कि उन्हें समय पर गैस मिल पाएगी या नहीं।
बाइट:
- “वितरण व्यवस्था में अनियमितता की जांच की जा रही है, दोषियों पर कार्रवाई होगी।” — प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी
- “हम लोग महीनों से गैस के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।” — उपभोक्ता
(रिपोर्ट: सोनू सिंह)




