रिपोर्ट- अमित कुमार!
दिल्ली बैठक के बाद राजेश राम का बड़ा बयान, अपने ही विधायक के द्वारा दिए गए बयान की 2029-30 में अकेले चुनाव लड़ेंगे से झाड़ा पल्ला ,संगठन सृजन से जन आंदोलन तक कांग्रेस का रोडमैप
कांग्रेस की दिल्ली में हुई बड़ी बैठक के बाद बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने संगठन से लेकर जन आंदोलन तक कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी है। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स पर सवाल उठाने के साथ-साथ संगठन सृजन, महिला सुरक्षा, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, मनरेगा और सामाजिक न्याय से जुड़े फैसलों पर कांग्रेस का रुख साफ किया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि दिल्ली में हुई बैठक में पार्टी के विधायक भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मीडिया किस सूत्र के हवाले से ऐसी खबरें चला रहा था, जिनके कारण बैठक करने की नौबत आई—यह सवालिया है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वह भी जनता के मुद्दों के साथ खड़ी रहे, जैसे कांग्रेस खड़ी है।
बैठक में कुल पांच एजेंडों पर चर्चा हुई।
पहला—संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना।
दूसरा—संगठन सृजन कार्यक्रम को जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक जल्द लागू करना। इसके लिए 40 ऑब्जर्वर 39 जिलों में अधिसूचित किए जा चुके हैं, जो यह अध्ययन करेंगे कि कौन सा जिला मजबूत है और कहां संगठन कमजोर है।
तीसरा—बिहार में महिलाओं पर बढ़ते हमले और उत्पीड़न का मुद्दा। नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुई प्रताड़ना सहित राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस नया जन आंदोलन शुरू करेगी।
चौथा—माइक्रोफाइनेंस कंपनियों द्वारा आंगनबाड़ी सेविकाओं पर हो रहे कथित अत्याचार और मनरेगा से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन की रणनीति।
वहीं, शकील अहमद खान के द्वारा राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजेश राम ने नकारात्मक सवालों को खारिज किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से आंख में आंख डालकर कौन बात करता है—यह पूछना हो तो शकील अहमद से पूछा जाए।
यूजीसी कमेटी में एससी, एसटी और ओबीसी की अनिवार्य भागीदारी पर उन्होंने कहा कि यह कोई कृपा नहीं, बल्कि संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों का पालन है। बीजेपी सरकार पर उन्होंने एससी-एसटी स्कॉलरशिप और शैक्षणिक सहायता में कटौती का आरोप लगाया।
कांग्रेस के अपने दम पर चुनाव लड़ने के बयान पर उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा—“हसुआ के ब्याह में खुरपी का गीत मत गाइए।” साथ ही संकेत दिया कि फिलहाल फोकस संगठन को मजबूत करने पर है।




