शिक्षा को औजार बनाए विश्व की नई पीढ़ी, राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने की अपील।

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रिपोर्ट:- शकील की रिपोर्ट!

बेतिया: दिनांक 11 नवंबर 2021 को अंतर्राष्ट्रीय पीस एंबेस्डर सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ एजाज अहमद अधिवक्ता एवं डॉ सुरेश कुमार अग्रवाल चांसलर प्रज्ञान अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय झारखंड ने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर मौलाना अबुल कलाम आजाद ,महात्मा गांधी एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज ही के दिन 11 नवंबर 1888 ई0 भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी सह स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्म हुआ था, उनका सारा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित रहा, भारत एवं भारत की नई पीढ़ी के भविष्य के लिए उनके समर्पण को देखते हुए मौलाना आजाद के जन्म-दिवस को मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के तौर मनाये जाने की घोषणा 11 सितंबर 2008 को की थी। इसके बाद 11 नवंबर 2008 से हर वर्ष आज के दिन राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है।11 नवंबर 1888 को जन्मे मौलाना आजाद 15 अगस्त 1947 से 2 फरवरी 1958 तक शिक्षा मंत्री रहे। भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना अबुल कलाम आजाद ने भारत की नई पीढ़ी के लिए शिक्षित भारत ,सुख ,शांति, समृद्धि एवं विकास का सपना देखा था ,देश का प्रत्येक युवा स्वालंबन योजनाओं से जुड़कर भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की कड़ी बने, भारत रत्न से सम्मानित मौलाना अबुल कलाम आजाद ने भारत की स्वाधीनता की राष्ट्रीय आंदोलन में तत्कालीन बिहार के रांची में अपने संबोधनो के माध्यम से हिंदू और मुसलमान के साथ अन्य धर्म के लोगों को एक सूत्र में बांधने का काम किया था ,इस अवसर पर डॉ एजाज अहमद, डॉ सुरेश कुमार अग्रवाल, अमित कुमार लोहिया, शाहनवाज अली एवं अल बयान के संपादक डॉ सलाम ने कहा कि
मौलाना अबुल कलाम आजाद स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री रहे और उनका कार्यकाल 11 वर्षो का रहा। उन्होंने ईस्टर्न लर्निंग और लिट्रेचर में रिसर्च को बढ़ावा दिया और फाइन आर्ट्स के विकास के लिए तीन संस्थानों – संगीत नाटक अकादमी, साहित्य अकादमी और ललित कला अकादमी की स्थापना की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के टेक्निकल टर्म्स का हिन्दी में बड़े पैमाने पर संग्रह कराया। मौलाना आजाद ने ही कई महत्वपूर्ण बोर्ड / आयोग का गठन कराया, जिनमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), खड़गपुर इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन, द यूनिवर्सिटी एजुकेशन कमीशन, द सेकेंड्री एजुकेशन कमीशन, प्रमुख हैं। आईआईएससी, स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एण्ड प्लानिंग, जामिया मिलिया इस्लामिया और आईआईटी खड़गपुर की भी स्थापना मौलाना अबुल कलाम आजाद ने की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारत की महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना अबुल कलाम आजाद का जीवन नई पीढ़ी के लिए जीवन दर्शन है!

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