रिपोर्ट- अरविंद कुमार!
ग्रामीण चिकित्सकों का एकदिवसीय कार्यशाला
ग्रामीण चिकित्सक स्वास्थ्य जगत की रीढ, बस थोड़ी सावधानी बरतें तो बच जाएगी लोगों की जान: डा आर कृष्णा
समस्तीपुर
समस्तीपुर शहर के काशीपुर में सीरम के बैनर तले ग्रामीण चिकित्सकों का एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला को डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल नई दिल्ली के पूर्व सीनियर रेजिडेंट डॉ राजेंद्र कृष्णा ने संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण चिकित्सक स्वास्थ्य जगत के रीड हैं। क्योंकि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में पहले उपचार वही करते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण चिकित्सक हल्की-हल्की की सावधानी बरतें तो मरीजों की जान बच सकती है और उन्हें बेहतर उपचार के लिए अस्पतालों तक लाया जा सकता है। इसके लिए उन्हें बीमारी के लक्षण को जानना होगा। इस कार्यशाला के पीछे का उद्देश्य यही है कि ग्रामीण चिकित्सक मरीजों में हो रही परेशानी के बारे में बेसिक जानकारी रखें।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाका में इलाज के दौरान अगर किसी मरीज की सांस फूल रही है मरीज अचानक बेहोश होकर गिर पड़े हैं तो ग्रामीण चिकित्सक को यह जानना होगा कि इसके पीछे का कारण क्या है, ताकि वह प्राथमिक उपचार कर उसे बेहतर उपचार के लिए अस्पताल भेजें।
शहर की जानी-मानी बांझपन एवं प्रस्तुति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर भारती कुमारी ने कहा कि ग्रामीण चिकित्सक अक्सर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं का उपचार करने के लिए उनके घर तक पहुंचाते हैं, लेकिन अभी भी देखा जा रहा है कि महिलाएं खुलकर अपनी बीमारी के बारे में नहीं बता पाती हैं तो ऐसी स्थिति में बीमारी के लक्षण के आधार पर उनका बेसिक ट्रीटमेंट कर उन्हें बेहतर उपचार के लिए अस्पताल तक भेजें ।
इससे ग्रामीण चिकित्सकों पर भी लोगों का भरोसा बढ़ेगा और मरीज को बेहतर उपचार मिल सकेगा उनकी जान बचाई जा सकेगी।
सीरम की व्यवस्थापक डॉ रमण कुमार झा, ने कहा कि इस कार्यशाला के पीछे का उद्देश्य है कि ग्रामीण चिकित्सकों का स्किल डेवलपमेंट हो । प्रथम चरण में उन्होंने ताजपुर क्षेत्र के रहने वाले ग्रामीण चिकित्सकों का कार्यशाला कराया है आने वाले दिनों में एक-एक कर समस्तीपुर जिले के सभी प्रखंडों के ग्रामीण चिकित्सकों के लिए कार्यशाला का आयोजन करेंगे।
इस मौके पर सीरम के निदेशक अनुराधा कुमारी, मनीष कुमार, रजनीश कुमार, अंकेश कुमार प्रशांत कुमार आदि उपस्थित थे।




