ऐक्टू व सेवा ने निजीकरण व ड्रैकोनिएन ईडीएसओ के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन!

SHARE:

रिपोर्ट:-निभास मोदी

भागलपुर। आयुध कारखानों सहित राष्ट्रीय सम्पतियों का निजीकरण व मजदूर विरोधी ड्रैकोनिएन “एसेंशियल डिफेंस सर्विसेज ऑर्डिनेंस 2021” (EDSO) के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियन्स के देशव्यापी आह्वान पर आज ऐक्टू व सेवा ने स्थानीय काजवलीचक स्थित सेवा कार्यालय में धरना दिया। धरना के अंत में प्रदर्शन करते हुए दर्जनों ऐक्टू व सेवा कार्यकर्ता झंडा-बैनर व मांग पट्टिकाओं के साथ, सरकार विरोधी नारे लगाते हुए बाहर गांधी शांति प्रतिष्ठान के समीप तातारपुर–कोतवाली मार्ग पर पहुंचे और इडीएसओ की प्रति जलाकर मोदी सरकार की मजदूर विरोधी इस खूंखार कानून व निजीकरण का विरोध किया। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस के शर्मा, राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त व सेवा की जिला ऑर्गनाइजर श्वेता चौबे ने संयुक्त रुप से की। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ऐक्टू व सेवा के नेतृवकरियों ने निजीकरण व ईडीएसओ के खिलाफ संघर्ष कर रहे डिफेंस कर्मियों के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए मौके पर कहा कि केंद्र की मोदी सरकार सिर्फ पूंजीपतियों - औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रही है। कोविड संकट को मुनाफाखोर पूंजीपतियों के लिए अवसर में तब्दील करते हुए जन विरोधी - मजदूर विरोधी मोदी सरकार, देश की महत्वपूर्ण संपत्तियों को उसके हवाले करती जा रही है। औद्योगिक घरानों के हित में संविधान संशोधित कर देश के मजदूर-किसानों को गुलामी की ओर तो ठेल ही रही है। अब मजदूरों के हड़ताल के अधिकार को छिनने के लिए ड्रैकोनिएन 'एसेंशियल डिफेंस सर्विसेज ऑर्डिनेंस' (EDSO) लेकर आयी है। इसमें हड़ताल करने पर आर्थिक जुर्माना और एक साल जेल का प्रावधान है। केंद्रीय ट्रेड यूनियंस ऐसे खूंखार कानून को किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं करेगा। नेतृवकरियों ने कहा कि मोदी सरकार महंगाई और बेरोजगारी बढ़ाकर आम नागरिकों को वेवश जिंदगी जीने के लिए मजबूर कर रही है। एक तरफ मन्दिर और कोविड के नाम पर जनता को ठगा जा रहा है, ...लाखों लोगों को बेरोजगार बनाया जा रहा है, आम मेहनतकश भुखमरी के लिए बिवश हैं तो दूसरी ओर सरकार जनता की संपत्ति को औद्योगिक घरानों के हवाले कर रही है। ऐक्टू व सेवा आयुध कारखानों के निजीकरण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे रक्षा कर्मियों के साथ है और निजीकरण व ड्रैकोनिएन ईडीएसओ के खिलाफ प्रत्येक लड़ाई में शामिल है। आयुध कारखानों का निजीकरण देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। सरकार राष्ट्रीय सम्पतियों को बेचना बन्द करे और आयुध कारखानों के निजीकरण पर रोक लगाए और मजदूर विरोधी खूंखार 'अनिवार्य रक्षा सेवा अध्यादेश 2021' (ईडीएसओ) वापस ले। धरना-प्रदर्शन में ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस के शर्मा, राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, जिला उपाध्यक्ष विष्णु कुमार मंडल, सुभाष कुमार, चंचल पंडित, राजेश कुमार, अमित कुमार, सर्वोदय सिंह, सेवा की जिला ऑर्गनाइजर श्वेता चौबे, कामरुनिशां, पूनम केशरी, सुबोध कुमार, सुरेंद्र चौरसिया, रंजीत धर, ममता देवी, रीना देवी, बदरुद्दीन, रानी कुमारी आदि शामिल रहे।

Join us on:

Leave a Comment

और पढ़ें