:- रवि शंकर अमित!
अनुमंडल कार्यालय (आपदा प्रबंधन शाखा) बाढ़, पटना।
सुश्री कृष्णा जोशी, भा० प्र० से०, अनुमंडल पदाधिकारी बाढ़ द्वारा आज दिनांक 05.09.2026 को बाढ़ प्रभावित अंचलों मोकामा के कसहा दियारा पंचायत के विभिन्न ग्रामों का स्थलीय भ्रमण किया गया तथा उन प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावित जनसंख्या के लिए चलाए जा रहे सामुदायिक रसोई केंद्र का निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों को मुहैया कराए जाने वाले खाने की गुणवत्ता की जांच की गई एवं उन्हें समय पर भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ हीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरांची को निर्देशित कर प्रभावित ग्रामों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं के साथ चिकित्सा कैम्प लगाने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त प्रभावित जनसंख्या के लिए किए गए नाव की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। वहीं बख्तियारपुर अंचल अंतर्गत दो स्थानों पर चलाए जा रहे सामुदायिक रसोई केंद्र का भी निरीक्षण किया गया तथा ग्राम बेनीपुर में भी प्रभावित जनसंख्या के विस्थापित परिवारों के लिए अंचल अधिकारी बख्तियारपुर को निर्देशित आज से सामुदायिक रसोई केंद्र का संचालन कराया जा रहा है। इसके अलावे बख्तियारपुर अंचल के सभी पांचों दियारा क्षेत्र में कुल 21 सरकारी नावों का परिचालन कराया जा रहा है साथ हीं परिचालित सभी नावों पर एक एक आपदा मित्र की प्रतिनियुक्ति भी किया गया है, जिसकी मॉनिटरिंग अनुमंडल स्तर से की जा रही है। इसके अलावे बख्तियारपुर अंचल अंतर्गत प्रभावित पंचायतों के ग्रामों में आज से पॉलीथिन शीट का वितरण कराया जा रहा है।
इसी प्रकार अथमलगोला एवं बाढ़ अंचल अंतर्गत पूर्व से संचालित सामुदायिक रसोई केंद्र का भी निरीक्षण किया गया इन दोनों अंचलों में सभी प्रभावित परिवारों के बीच ससमय भोजन कराया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई है। सभी कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद को निर्देशित कर गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी नगर क्षेत्र के प्रमुख गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग कराया गया है और आमजन के सुरक्षा के दृष्टिकोण से चेतावनी का बैनर भी लगाया गया है तथा सभी अंचलों में माइकिंग कराया जा रहा है कि गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गंगा नदी में स्नान नहीं करने जाएं यदि जाएं भी तो बैरिकेडिंग के अंदर हीं स्नान करें। सभी अंचल अंतर्गत संचालित सामुदायिक रसोई केंद्र में शरण लिए हुए परिवारों के मवेशियों के लिए पशुचारा की व्यवस्था भी कराया गया है तथा विस्थापित पशुपालकों को उनके आवश्यकता के अनुसार पशुचारा का वितरण किया जा रहा है।



