:- रवि शंकर अमित!
मुख्यमंत्री ने भागलपुर में तटबंध का किया निरीक्षण, बेगूसराय में तीन जिलों की बाढ़ तैयारियों की समीक्षा कर राहत कार्यों में तेजी और तटबंधों की कड़ी निगरानी के दिए निर्देश
मुख्य बिंदु :-
सभी जिलों के प्रभारी मंत्री एवं प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों में निरंतर कैंप कर बाढ़ की स्थिति की निगरानी करें तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहें।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे कम्युनिटी किचन संचालित करने, मोबाइल मेडिकल टीम एवं नाव/मोटरबोट की पर्याप्त व्यवस्था रखने का निर्देश।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हरसंभव सहायता एवं राहत उपलब्ध कराने, आपदा सम्पूर्ति पोर्टल को अद्यतन रखने तथा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध रखने का निर्देश दिया।
तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और जहां भी कटाव या क्षति की स्थिति उत्पन्न हो, वहां तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक एवं मरम्मत कार्य कराए जाएं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बाढ़ से स्थायी समाधान के लिए रिंग बांध एवं नए स्ट्रेच के निर्माण की योजना।
पटना 05 सितम्बर 2026 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज भागलपुर के नवगछिया में राघोपुर तटबंध का निरीक्षण किया तथा बेगूसराय स्थित आइ०ओ०सी०एल० परिसर के दिनकर गेस्ट हाउस में बेगूसराय, मुंगेर एवं खगड़िया जिले में बाढ़-2026 की तैयारियों एवं राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक में शामिल हुये।
बैठक में तीनों जिलों के जिलाधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बाढ़ की वर्तमान स्थिति, प्रशासनिक तैयारियों एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। बेगूसराय के जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय, मुंगेर के जिलाधिकारी श्री निखिल धनराज निप्पनिकर एवं खगड़िया के जिलाधिकारी श्री विक्रम वीरकर ने अपने-अपने जिलों में गंगा नदी के जलस्तर, बाढ़ प्रभावित पंचायतों एवं नगर निकायों, नावों की उपलब्धता, राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई, चिकित्सा व्यवस्था तथा तटबंधों की सुरक्षा को लेकर की गयी तैयारियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त संख्या में कम्युनिटी किचन बढ़ाने तथा उन्हें 24 घंटे संचालित रखने के निर्देश दिये। जिला प्रशासन को प्रतिदिन जिला स्तर पर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर बाढ़ की स्थिति एवं स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि सभी जिलों के प्रभारी मंत्री एवं प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों में निरंतर कैंप कर बाढ़ की स्थिति की निगरानी करें तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल टीम की तैनाती तथा दियारा क्षेत्रों में बोट एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। आवश्यकता के अनुसार मेडिकल कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कराने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना का लाभमिले और कोई भी किसान लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। आपदा प्रबंधन विभाग से समन्वय एवं सहमति लेकर पुल निर्माण कार्य में लगी बड़ी नावों का उपयोग जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एस०ओ०पी० के अनुरूप लोगों को हरसंभव सहायता एवं राहत उपलब्ध कराने तथा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध रखने का निर्देश दिया। नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी रखने तथा स्थिति के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। कम्युनिटी किचन एवं राहत शिविरों के आसपास लगाए जाने वाले चापाकलों की औसत गहराई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सुरक्षा तटबंधों एवं जमींदारी बांधों की स्थिति सुदृढ़ रखने तथा तटबंधों एवं स्लूईस गेट की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाय। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, लाइफ जैकेट, मोटरबोट, राहत एवं बचाव दल, पॉलिथीन शीट्स, कटाव निरोधक सामग्री तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की आकस्मिक व्यवस्था तैयार रखें।
समीक्षा बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर एवं कम्युनिटी किचन की व्यवस्था, ड्राई राशन पैकेट एवं फूड पैकेट की पैकेजिंग तथा वितरण की तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित कृषि क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए आकस्मिक फसल योजना तैयार करने, वैकल्पिक फसलों एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रभावित किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची को सम्पूर्ति पोर्टल पर लगातार अद्यतन रखने का निर्देश दिया गया, ताकि पात्र परिवारों तक राहत एवं सहायता समय पर पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में शामिल होने से पूर्व बेगूसराय सदर प्रखंड अंतर्गत बाढ़ प्रभावित कैलाशपुर का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर बाढ़ की स्थिति एवं राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में कई स्थानों पर लगातार बढ़ोतरी हुई है। गंगा नदी में करीब 20 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है, जबकि सोन नदी में 5.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और आमलोगों को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से होने वाली परेशानियों के स्थायी समाधान की दिशा में भी कार्य शुरू किया गया है। जिस प्रकार कोसी एवं गंडक नदी से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कार्य किए गए हैं, उसी प्रकार गंगा नदी से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। गंगा नदी के तटबंधों को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित किया जाएगा। गंगा नदी का पानी कई जगहों पर लगभग 20 किलोमीटर तक स्ट्रेच में फैल रहा है, जिसे सीमित करने के लिए आवश्यकता के अनुसार रिंग बांध एवं नए स्ट्रेच का निर्माण कराया जाएगा। गंगा नदी में गाद से संबंधित समस्या के समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह, सहकारिता मंत्री सह बेगूसराय जिला के प्रभारी मंत्री श्री रामकृपाल यादव, पथ निर्माण मंत्री श्री कुमार शैलेन्द्र, विधायक श्री रजनीश कुमार, विधायक श्री नरेंद्र कुमार सिंह, विधायक श्री कुंदन कुमार, बेगूसराय नगर निगम की महापौर श्रीमती पिंकी देवी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चंद्रशेखर सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री राकेश कुमार, बेगूसराय के जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय, मुंगेर के जिलाधिकारी श्री निखिल धनराज निप्पनिकर, खगड़िया के जिलाधिकारी श्री विक्रम वीरकर, बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक श्री मनीष, मुंगेर के पुलिस अधीक्षक श्री सैयद इमरान मसूद सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने भागलपुर के नवगछिया में राघोपुर तटबंध का निरीक्षण कर कटाव निरोधी कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तटबंध पर हुए कटाव एवं उसके बचाव के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से ली और आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने तटबंध के निरीक्षण के दौरान वहां उपस्थित स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और तटबंध टूटने तथा कटाव की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यहां हुए कटाव से बचाव के लिए जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने बेहतर कार्य किया है, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली है। गंगा, कोसी, गंडक और सोन नदियों में काफी पानी आया है। सभी प्रमुख नदियों के तटबंध को दुरुस्त किया जाएगा। गंगा नदी के तटबंध को भी ठीक किया जाएगा, गंगा नदी में ड्रेजिंग की जायेगी। जहां रिंग बांध बनाने की जरूरत है वहां रिंग बांध बनाए जाएंगे। गाद की सफाई करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। राहत एवं बचाव कार्य पूरी मुस्तैदी के साथ किया जा रहा है। सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और जहां भी कटाव या क्षति की स्थिति उत्पन्न हो, वहां तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक एवं मरम्मत कार्य कराए जाएं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
निरीक्षण के दौरान पथ निर्माण मंत्री श्री कुमार शैलेंद्र, ऊर्जा मंत्री श्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, सांसद श्री अजय कुमार मंडल, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त श्री प्रेम सिंह मीणा, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चंद्रशेखर सिंह, भागलपुर की जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार सहित जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारी और अभियंतागण उपस्थित थे।



