धीरज शर्मा, भागलपुर

सुल्तानगंज में श्रावणी मेला को लेकर अभी भी संशय बरकरार हैं, और सभी धार्मिक स्थल बंद है। इसके बावजूद भी शुक्रवार को अहले सुबह से ही सीढ़ी घाट एवं जहाज घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गंगा तट पर देखने को मिली । 25 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत है, लेकिन अभी तक सरकार के द्वारा किसी भी प्रकार की गाइडलाइन जारी नहीं की गई है इसमें अनुमान लगाया जा रहा है कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रावणी मेला के आयोजन पर रोक रहेगा । लेकिन आज सुबह आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि को मुंडन संस्कार शुभ दिन माना जाता है इसी को लेकर बिहार के अलग-अलग जिलों के लोग सुल्तानगंज पहुंच कर मां गंगा का स्नान ध्यान कर अपने अपने पुत्र पुत्री का मुंडन कराया ।
कोरोना के पहले और दूसरे लहर में देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है वही इसका सर्वाधिक असर सुल्तानगंज में देखा जा सकता है। यहां पिछले वर्ष श्रावणी मेला के आयोजन नहीं होने के कारण हजारों व्यवसाई कर्ज में डूब चुके हैं।अगर इस वर्ष भी श्रावणी मेला का आयोजन नहीं होता है तो ऐसे लोगों को काफी मुश्किल हो जाएगा। सुल्तानगंज की सारी अर्थव्यवस्था श्रावणी मेले पर ही निर्भर करती है सुल्तानगंज की 75% से अधिक आबादी के आय का श्रोत श्रावणी मेला ही है।




