रिपोर्ट- धर्मेंद्र कुमार!
:मोतिहारी – घोड़ासहन मे एक निजी नर्सिंगहोम में प्रसव के लिए भर्ती कराई गई प्रसूता और उसके बच्चे की मौत हो गई। प्रसूता के पति और परिजनों इलाज कर रहे चिकित्सक पर प्रसव कराने में बरती गई लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाया है। घटना घोड़ासहन ढाका रोड में अवस्थित जगदम्बा विवाह भवन के निकट स्थित एक निजी नर्सिंग होम की बताई जा रही हैं। जहां कोटवा थाना क्षेत्र के पोखरा गांव निवासी आलोक सिंह की 23 वर्षीय पत्नी रीमा देवी गर्भावस्था में प्रसव कराने उक्त नर्सिंग होम में आई थी। परिजनों ने बताया कि बीते सोमवार को उक्त नर्सिंग होम में रीमा को प्रसव के लिए भर्ती किया गया था। बुधवार को रीमा को जो बच्चा पैदा हुआ वह मरा हुआ था। बच्चे के जन्म के बाद से ही रीमा का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा था। परिजन जब रीमा को बेहतर इलाज के लिए बाहर ले जाने के लिए रेफर करने की मांग चिकित्सक से की। तब इलाज कर रहे चिकित्सक ने यहीं पर ठीक करने की बात कह 50 हजार रुपये भी जमा करा लिया। जिसके बाद रीमा की गुरुवार की रात करीब 9:45 बजे मौत हो गई। रीमा का जैसे ही मौत हुई चिकित्सक व कम्पाउंडर वहां से फरार हो गए। रीमा की मौत के बाद आक्रोशित लोगों द्वारा नर्सिंग होम तोड़ फोड़ की गई। जिससे कांच व कई कुर्सियां टूट गई। सूचना पर सदलबल के साथ पहुंचे इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष अनुज कुमार पांडेय, पुअनि अभय सिंह, मधुकर कुमार, नवल किशोर पासवान आदि ने आक्रोशित लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया व शव को कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिया। वहीं थाना अध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाइट :——- मिर्तका के पति,।
बाइट :——- मिर्तका के महिला परिजन।




