पंकज कुमार जहानाबाद
मोदी सरकार की मजदूर किसान व देश विरोधी विनाशकारी नीतियों के खिलाफ मजदूर किसानों संगठनों के संयुक्त आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल जहानाबाद जिले में असर देखा जा रहा है ग्रामीण इलाके में भी मजदूर कार्य बंद कर दिए हैं जहानाबाद जिला मुख्यालय में माले विधायक रामबली सिंह यादव के नेतृत्व में सड़क पर रोज पूर्ण प्रदर्शन किया गया इस दौरान वाहनों के परिचालन को भी रोका गया ।
इस मौके पर प्रदर्शनकारी रोष पूर्ण नारेवाजी केंद्र के नरेंद्र मोदी एवं बिहार के नीतीश सरकार के खिलाफ लगा रहे थे। इस मौके पर विधायक रामबली सिंह यादव ने कहा कि
मोदी सरकार की मजदूर किसान व देश विरोधी विनाशकारी नीतियों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा व संयुक्त ट्रेड यूनियन के आहवान पर मजदूर किसान संगठनों की ओर देशव्यापी हड़ताल में अखिल भारतीय किसान महासभा अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा व ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ ट्रेड यूनियन रसोईया संघ आशा आंगनबाड़ी निर्माण मजदूर की ओर से सफल बनाने में जुटे हुए हैं। विभिन्न गांवों व चट्टी बाजारों पर नुक्कड़ सभा संपन्न हुए धर्म के नाम पर नहीं बटेंगे मोदी राज को खत्म करेंगे। नफरत व हिंसा की राजनीति को ध्वस्त करो स्कीम वर्करों के मानदेय को बढ़ाना होगा मजदूरों किसानों के अधिकारों पर हमला व दमन करना बंद करो सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी करो प्रस्तावित बिजली बिल 2020 वापस लो किसानों से किए गए तमाम समझौता को अबिलंब लागू करो चार श्रम कोड को रद्द करो 12 घंटे काम करने की गुलामी पूर्ण कार्रवाई वापस लो और संपूर्ण मजदूरों के अधिकारों व कल्याणकारी योजनाओं को लागु करो की मांग पर आंदोलन किया जा रहा है उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का 10 साल आपातकाल के रूप में मजदूर किसानों के लिए याद किया जाएगा मजदूर किसानों के अधिकारों पर लगातार हमले कर कॉर्पोरेट घराने की सेवा कर रही है इसीलिए तीन कृषि कानून को लाकर मोदी सरकार खेती को पूंजी पतियों के हवाले कर और यहां तक की एस एसपी की सरकारी खरीद की गारंटी बनाने से भाग रही है और बिजली को महंगी करके प्रस्तावित बिजली बिल 2020 लाकार बिजली कंपनियों को मुनाफा पहुंचाना चाहती है और किसानों के तमाम तरह की सुविधा रियासतों को खत्म कर पूंजी पतियों को बड़े पैमाने पर सब्सिडी और छूट दे रही है और किसानों के कर्ज माफ करने से भाग रही है वहीं मजदूरों के आंदोलन के बल पर हासिल श्रम कानून को बदलकर पूंजीपतियों और मालिकों के गुलामी का कानून बनाकर चार श्रम कोड में तब्दील कर उनके तमाम अधिकारों को रौन्दा जा रहा है काम के घंटे को बढ़ाकर 12 घंटे कर गुलामी पूरण जिंदगी कराने और निजीकरण आउटसोर्सिंग के जरिए मजदूरों की छटनी कर देश की सभी संपदा को बेचकर पूंजी पतियों के हाथ में गिरवी रखकर एक तरफ मजदूर किसानों पर महंगाई की मार और दूसरी तरफ निजीकरण के जरिए लोगों को महगा शिक्षा स्वास्थ्य और तमाम जनता की जरूरत की चीजे महंगी बनती जा रही है इस विनाशकारी नीतियों के खिलाफ मजदूर किसानों का यह महा मिलन मोदी सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोक कर 2024 में मोदी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेंगे धर्म के नाम पर नहीं बाटेंगे मोदी राज को खत्म करेंगे मोदी सरकार की 10 साल आफत काल बनकर सबके सामने है ।
बाईट रामबली सिंह यादव विधायक माले




