दूल्हे की तरह हुईं तुर्की थानाध्यक्ष रवि प्रकाश की विदाई, बना चर्चा का विषय!

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रिपोर्ट- संतोष तिवारी!

थानाध्यक्ष की इस तरह से हुई विदाई कि होने लगी हर जगह चर्चा, VIDEO देख आप भी कहेंगे वाह गजब है

मुजफ्फरपुर में SHO का फेयरवेल दूल्हे की तरह किया गया। थानाध्यक्ष की कार को दूल्हे की गाड़ी की तरह सजाया गया और बैंड-बाजा के साथ उन्हें विदा किया गया। थानाध्यक्ष की विदाई इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक थानाध्यक्ष का फेयरवेल
(विदाई) इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, तुर्की ओपी थाने में तैनात थाना प्रभारी रवि
प्रकाश का ट्रांसफर जिले के कुढ़नी थाना में थानाध्यक्ष के पद पर हुआ है। जब वे पदभार ,संभालने कुढ़नी थाना में जाने लगे तो उनकी विदाई
, तुर्की ओपी पुलिस थाने के पुलिस वालों और आम जनता ने इस तरह से किया कि जैसे किसी की बारात
जा रही हो।

बैंड-बाजा के साथ विदाई , पुलिसकर्मियों और आम लोगों ने थानाध्यक्ष रवि प्रकाश के गले में फूल-माला पहनाकर उन्हें कार में प्यार से बैठाया। एसएचओ की कार को भी दूल्हे की गाड़ी की तरफ शानदार तरीके से सजाया गया था। इसके अलावा बैंड-बाजा के साथ उनको विदाई दी गई। विदाई समारोह में पुलिसकर्मियों के अलावा आस-पास के लोग भी मौजूद थे। गले में फूलों की माला से लदे थानाध्यक्ष रवि प्रकाश बेहद गदगद नजर आए। जनता के साथ था बेहद लगाव , थानाध्यक्ष रवि प्रकाश ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के लिए जनता का ये प्रेम दर्शाता है कि अगर अधिकारी अपने काम और जनता के प्रति जवाबदेही को जिम्मेदारी से उठाए और जनता के दुःख दर्द को समझे तो आम जनता भी ऐसे अधिकारियों को सर आंखों पर बिठाती है। उन्होंने कहा कि वे जहां जा रहे हैं वहां भी जनता के साथ जुड़े रहेंगे और ईमानदारी से अपना काम करते रहेंगे। दुःख दर्द को समझे तो आम जनता भी ऐसे अधिकारियों को सर आंखों पर बिठाती है। उन्होंने कहा कि वे जहां जा रहे हैं वहां भी जनता के साथ जुड़े रहेंगे और ईमानदारी से अपना काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं इस थाने के आने वाले प्रभारी से भी यही कहूंगा कि वे भी जनता के साथ लगाव रखें। रवि प्रकाश ने विदाई से पहले थाना परिसर स्थित मंदिर में जाकर बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। इसके बाद कार में बैठे और चले गए। बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष रवि प्रकाश का जनता के साथ बेहद लगाव था। इसी वजह से क्षेत्र में लोग उन्हें बहुत सम्मान की निगाह से देखते थे। पुलिस थाने के कर्मचारी भी उन्हें बहुत प्यार करते थे।

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