कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
नियोजित शिक्षकों की सक्षमता परीक्षा के खिलाफ मोहनिया में शिक्षक संघ ने खोला मोर्चा, जलाई आदेश की प्रतियां, शिक्षक संघ जाएंगे हाईकोर्ट
कैमूर। नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनाने के लिए बिहार बोर्ड की तरफ से सक्षमता परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा में सफल होने पर नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलेगा। परमानेंट नौकरी हो जाएगी। जो नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा में पास नहीं होंगे। उनकी नौकरी चली जाएगी। अब इसको लेकर नियोजित शिक्षकों में नाराजगी है। सक्षमता परीक्षा के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को जिम्मेवारी सौंपी गई है। वहीं इस आदेश के बाद कैमूर के मोहनिया में बीआरसी कार्यालय पर मौजूद शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
इधर, नियोजित शिक्षकों को लेकर शिक्षा विभाग के इस फैसले पर बिहार शिक्षक महासंघ के मदन सिंह ने कहा कि शिक्षक नियोजन नियमावली के अनुसार 60 वर्ष की उम्र तक नियोजित शिक्षकों के नौकरी में बने रहने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि यह घोर निंदनीय फैसला है। यह शिक्षक नियोजन नियमावली के विपरीत आदेश है। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। नियोजित शिक्षकों को अलग अलग फैसलों के जरिए प्रताड़ित किया जा रहा है। वही इस मौके पर आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।




