पंकज कुमार जहानाबाद ।
जहानाबाद एवं अरवल जिले के सीमा पर स्थित किंजल बाजार के पास शुक्रवार को नहाए खाय के साथ चार दिवसीय सूर्य उपासना का महा छठ पर्व का आगाज हो गया ।इस मौके पर छठ व्रत करने वाले सभी लोगों के घरों में लौकी की सब्जी चना का दाल और अरवा चावल का भात सेंधा नमक का उपयोग कर आम एवं गोईठा की आच पर तैयार किया गया फिर व्रती लोग स्नान ध्यान कर प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण किया एवं आसपास के सभी ईस्ट मित्रों एवं सगे संबंधियों को आमंत्रित कर प्रसाद खिलाया इस मौके पर किंजर सूर्य मंदिर धाम स्थित पुनपुन नदी पक्का सीढ़ी घाट के पास सैकड़ो महिलाएं सुबह सवेरे से ही पीतल के बड़े-बड़े बर्तन के साथ नदी में पहुंचकर पहले स्नान किया फिर भगवान भास्कर के मंदिर में जाकर जलाभिषेक कर पवित्र पुनपुन नदी का जल बर्तन में भरकर नहाए खाए का प्रसाद बनाने हेतु अपने-अपने घरों में ले गए इसी जल के माध्यम से चावल दाल सब्जी में उपयोग कर नहाए खाए का प्रसाद बनाया गया था अब व्रती लोग नहाए खाए करने के बाद कल दिनभर उपवास रह कर संध्या के समय खरना का प्रसाद खीर रोटी ग्रहण करेंगे खरना का प्रसाद अरवा चावल गुड़ दूध के साथ आम की लकड़ी के आंच पर खीर बनाई जाती है गेहूं के आटे की रोटी भी इस आंच पर बनाई जाती है शनिवार को खरना की खीर रोटी का प्रसाद ग्रहण करने के बाद सभी व्रतधारी रविवार को पहला अधर्य के पूरे दिन और पूरी रात्रि बिल्कुल निर्जला उपवास रहेंगे दूसरे दिन सोमवार को उगते भगवान सूर्य को अधर्य देकर पारण करेंगे प्रसाद ग्रहण करेंगे छठ पर्व के मौके पर पूरा का पूरा हर गांव घर इलाका बिल्कुल ही भक्तिमय वातावरण में दिख रहा है चारों ओर मार बउ रे सुगवा धनुष से सुगा गिरे मुरझाए और शारदा सिन्हा का मशहूर छठ गीत चारों तरफ गूंज रहा है सभी के सभी लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आस्था के इस माह छठ पर्व के उपासना में पूरी तरह जुड़ गए हैं पूरा इलाका भक्ति भाव से भर गया है




