रिपोर्ट -पुरूषोतम कुमार
जमुई जिला में डुमरकोला गांव में हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने 22 मकानों पर चलाया बुलडोजर, 74 घरों को करना है अतिक्रमण मुक्त
एंकर — जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत डुमरकोला गांव में किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई।ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी का माहौल उस वक़्त बन गया जब गुरुवार को जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की टीम बुलडोजर के साथ डूमरकोला गांव पहुंच गई और हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक बारी-बारी से अतिक्रमण किए गए सभी घरों को ध्वस्त किया जाने लगा। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों की काफी भीड़ देखने के लिए उमड़ पड़ी। हालांकि अतिक्रमण हटाने के दौरान जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन को ग्रामीणों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के द्वारा पक्षपात और लापरवाही का भी आरोप पदाधिकारियों पर लगाया गया। दरअसल अतिक्रमण का मामला 2017 से ही चल रहा है। गांव के ही किसी व्यक्ति ने करीब 200 लोगों का हस्ताक्षर युक्त आवेदन अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को दे दिया।फिर मामला हाईकोर्ट में भी चला गया। उसके बाद हाईकोर्ट के द्वारा 74 घरों को अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश जिला प्रशासन को दिया गया, फिर जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह के निर्देशानुसार मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह खैरा अंचलाधिकारी, खैरा थानाध्यक्ष सिद्धेश्वर पासवान सहित विभिन्न पदाधिकारियों की एक टीम बनाई गई और बारी-बारी से गुरुवार को सुबह से शाम तक 22 घरों को अतिक्रमण मुक्त किया गया। इसके अलावा अन्य घरों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुक्रवार से शुरू की जाएगी। इस दौरान जिला प्रशासन के खिलाफ लोगों का आक्रोश व्याप्त रहा।
बाइट -मजिस्ट्रेट अधिकारी मनोज




