रिपोर्टर– राजीव कुमार झा
अनुमंडल अस्पताल में फायर सेफ्टी ऑडिट पूरा, अग्निशमन पदाधिकारियों ने कर्मीयो को किया सतर्क
मधुबनी जिले के जयनगर अनुमंडल में स्वास्थ्य सुविधाओं मे लगे अस्पतालों मे अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है। शिवम मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में दोपहर 03:00 बजे से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें अग्नि सुरक्षा से संबंधित कय तरह के ड्रिल की गई और अस्पताल प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और स्टाफ को इसकी जानकारी प्रेषित की तथा आवश्यक सलाह भी दी गई। यह अभ्यास अस्पताल में संभावित आगजनी की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसके साथ ही, अनुमंडल अस्पताल जयनगर में मॉक ड्रिल एवं फायर सेफ्टी ऑडिट की जांच पूरी हो चुकी है। इस ऑडिट में अनुमंडल अग्निशमन थाने के पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी गोपाल साव, शिव शंकर पासवान, अग्निकर्मी सुनील कुमार, अग्निकर्मी अखिलेश कुमार एवं सुबोध कुमार की टीम ने अस्पताल परिसर का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अग्निशमन उपकरणों की जांच, निकासी मार्गों की उपलब्धता, स्टाफ की ट्रेनिंग स्तर और सुरक्षा प्रोटोकॉल का मूल्यांकन भी किया। ऑडिट के दौरान कई कमियों को भी चिह्नित किया गया, जिस कमियों को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन टीम ने अस्पताल स्टाफ को सजग करते हुए विस्तृत सलाह दी। उन्होंने बताया कि आग लगने की स्थिति में सबसे पहले अलार्म बजाना, धुएं से बचाव के लिए गीले कपड़े का उपयोग, निकासी के द्वारों का स्पष्ट चिह्नांकन और फायर एक्सटिंग्विशर की नियमित जांच अनिवार्य है। पदाधिकारी गोपाल साव ने कहा, “स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा सर्वोपरि है। मॉक ड्रिल से स्टाफ की तैयारी मजबूत होती है और जान-माल की हानि रोकी जा सकती है।” वहीं, शिवशंकर पासवान ने जोर देकर कहा कि सभी कर्मचारियों को अग्निशमन प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से लेना चाहिए। यह पहल जयनगर अनुमंडल के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय से हो रही है, जो सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। मॉकड्रिल के दौरान अस्पताल के आसपास यातायात नियंत्रण एवं मरीजों की सुरक्षित निकासी का अभ्यास होगा। स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे आसपास अस्पताल क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ न लगाएं।
मधुबनी जिले में हाल के वर्षों में अस्पतालों में आग की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसके मद्देनजर यह अभियान समयोचित है। जिला प्रशासन ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर इसी प्रकार की जांच के आदेश दिए हैं। अग्निशमन विभाग ने घोषणा की है कि अगले सप्ताह अन्य अस्पतालों में भी इसी तरह के ऑडिट आयोजित किए जाएंगे। इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि समुदाय में जागरूकता भी बढ़ेगी। स्थानीय पुलिस ने भी पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया है।



