पंकज कुमार जहानाबाद ।
साथ ही भुगतान करना होगा ₹50000 अर्थदंड भी
जिला जज डॉ राकेश कुमार सिंह की अदालत ने सुनाया फैसला
मृतक के आश्रितों को राहत एवं पुनर्वास के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराने को प्राधिकार को दिया निर्देश
स्थानीय व्यवहार न्यायालय स्थित जिला जज डॉ राकेश कुमार सिंह की अदालत ने पत्नी की हत्या मामले में दोषी करार धनंजय कुमार उर्फ अजय के सजा के बिंदु परअभियोजन एवं बचाव पक्ष के बहस सुनने के उपरांत आरोपी पति धनंजय कुमार उर्फ अजय को भादवी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास भुगतने का फैसला सुनाया है। इतना ही नहीं न्यायालय ने धनंजय को ₹50000 की राशि अर्थदंड भुगतान करने का निर्देश भी दिया है। अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने पर आरोपी को 1 साल का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। बताते चलें कि इस मामले में न्यायालय ने मृतिका के 3 बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण एव राहत तथा पुनर्वास के लिए बिहार पीङित प्रतिकर अधिनियम के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। उपरोक्त आशय की जानकारी लोक अभियोजक सुरेंद्र प्र बलसाद सिंह ने दी है । उन्होंने बताया कि इस मामले में औरंगाबाद जिले के उपहारा थाना क्षेत्र के सहरसा गांव निवासी श्यामसुंदर साव ने धनंजय कुमार उर्फ अजय तथा उसकी मां चिंता देवी को नामजद कर जहानाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था। प्राथमिकी में सूचक ने आरोप लगाया था कि 9 जनवरी 2022 को जब वह अपने घर पर था तो उसे फोन से सूचना मिली कि मेरे दामाद एवं सास चिंता देवी ने मिलकर मेरी बेटी ज्ञानती कुमारी की गला दबाकर हत्या कर दी है। सूचना मिलने के उपरांत मैं जहानाबाद पोस्टमार्टम हाउस के पास पहुंचा तो देखा कि मेरी बेटी ज्ञानती कुमारी का मृत शरीर स्ट्रेचर पर पड़ा है। इस मामले में अभियोजन की ओर से सूचक चिकित्सक एवं अनुसंधानकर्ता समेत 8 गवाहों की गवाही कराई गई थी। यह बता दें कि इस मामले में अनुसंधानकर्ता ने धनंजय कुमार उर्फ अजय के खिलाफ आरोप पत्र समर्पित किया था।




