शव के अंदर कैची छोड़ी, एक शव का दो बार सदर अस्पताल में कराया गया पोस्टमार्टम!

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रिपोर्ट – ऋषभ कुमार!

वैशाली के सदर अस्पताल हाजीपुर में अस्पताल कर्मियों की लापरवाही सामने आई है एक ही डेड बॉडी को दो बार पोस्टमार्टम किया गया है। सदर अस्पताल द्वारा डेड बॉडी के पोस्टमार्टम कर दी गई थी वहीं नगर थाने के अस्पताल प्रशासन ने डेड बॉडी को मृतक के परिजनों को सौंप दिया था। द्वारा डेड बॉडी को पोस्टमार्टम करके परिजनों को शव सौंप दी गई थी। परिजन शव को लेकर अपने गंतव्य तक जाने के लिए निकल गए थे। तभी रास्ते में ही सदर अस्पताल कर्मी की परिजनों की फोन पर घंटी बजी और बोला गया कि डेडबॉडी की पोस्मार्टम नही हुई है। जिसके बाद परिजन पुनः सदर अस्पताल पहुंचे जहां डेड बॉडी की पुनः पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस संबंध में लालगंज थाना में तैनात चौकीदार धर्मेंद्र पासवान ने बताया कि डॉक्टर साहब फोन कर बुलाए थे बोले थे कि सीजर छूट गया है। इसीलिए दोबारा डेड बॉडी को लाया गया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजन को दे दिया गया है।

मृतक के परिजन राम विनोद कुमार ने बताया कि शव अस्पताल से रिलीज कर दिया गया था। संबंधित थाने के चौकीदार ने भी लिखित रूप से शव को मुझे सौंप दिया था। लेकर जा रहे थे इसी दौरान दो नंबर से कॉल गया और बोला गया की शव की पोस्टमार्टम नहीं हुई है लेकर सदर अस्पताल आइए जिसके बाद समस्तीपुर जा रहे लोगों ने लौटकर सदर अस्पताल हाजीपुर पहुंचे। जिसके बाद सदर अस्पताल में हंगामा कर दिया। तभी आनन-फानन में शव की पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौप दी गई है।

डेडबॉडी समस्तीपुर जिले के विभूति नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलसंडी निवासी स्व शंभु प्रसाद सिंह का 28 वर्षीय पवन कुमार के शव था जो की लालगंज में एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी में काम करता था। जो लालगंज जहानाबाद बसंता गंडक नदी में स्नान करने गया था तभी उसकी डूबने से मौत हो गई थी।

क्या कहते है वैशाली सिविल सर्जन श्याम नंदन प्रसाद

सिविल सर्जन डॉक्टर श्यामनंदन प्रसाद ने बताया कि किसी कारण भूलवश वर्जन डेड बॉडी लेकर चले गए थे। जिसे फोन करके पुनः बुलाया गया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कर डेड बॉडी को परिजनों को सौंप दी गई है।

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