रिपोर्ट – अमित कुमार
बिहार SSC ने बीएसएससी सीजीएल 3 का परिणाम घोषित कर दिया है। इसमें छह लाख उम्मीदवारों में से 11, 240 अभ्यर्थी ही पीटी एग्जाम पास कर पाए। रिजल्ट आने के बाद कई अभ्यर्थी विरोध कर रहे हैं। कई अभ्यर्थी का आरोप है कि रिजल्ट प्रकाशन में पारदर्शिता नहीं बदली गई। जिससे BSSC CGL 3 का परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों में रोष है।
राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा है कि पेपरलीक के कारण इस परीक्षा पर अभ्यर्थियों को भरोसा बिल्कुल नहीं है कि निष्पक्षता के साथ बहाली होगी। दूसरी तरफ BSSC ने परीक्षार्थियों का मार्क्स जारी किया। साथ ही OMR, Question Booklet तथा Answer Key भी जारी नहीं किया गया। ऊपर से परसेन्टाइल का खेल खेला गया है। कट ऑफ परसेंटाइल में दिया गया है। BSSC तानाशाही रवैया अपना रही है। 9 लाख स्टूडेंट्स के साथ अन्याय किया जा रहा है। OMR, Question, Answer Key और सभी परीक्षार्थियों का मार्क्स ऑनलाइन जारी किया जाए। दिलीप कुमार ने कहा कि BSSC की परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों यह जानने का हक है कि उन्हें कितना नंबर आया। उन्होंने जो उत्तर चुने वह सही थे या नहीं। आप क्यों नहीं पारदर्शिता ला रहे हैं। आप रेलवे या बीपीएससी की परीक्षा को ही देखिए। सभी एग्जाम के बाद Answer Key जारी किया जाता है।
छात्र नेता दिलीप ने कहा कि पेपरलीक होने के बाद हमलोग तीनों परीक्षा कैंसिल करने की मांग कर रहे थे। लेकिन, केवल एक ही परीक्षा को कैंसिल किया गया। छात्र सवाल उठा रहे हैं जिस तरह CGL एक और दो में जिस तरह से धांधली हुई, उसकी तरह से CGL 3 में धांधली किया जा रहा है। परसेंटाइल के नाम पर प्रतीत होता है कि कोई बड़ा खेल चल रहा है। इसलिए हमलोगों की मांग है कि जल्द से जल्द अभ्यर्थियों की नंबर जारी किया जाए। परीक्षार्थियों को यह जानने का हक है कि उन्हें परीक्षा में कितना नंबर आया। आप अगर निष्पक्ष हैं तो पारदर्शिता लाई जाए। या नहीं तो आप बिहार लोक सेवा आयोग से ही सीख लें। आज BPSC की हर परीक्षा में जिस तरह से पारदर्शिता बरती जाती है, उसी तरह से BSSC भी करे।




