रिपोर्ट – ऋषभ कुमार!
हाजीपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछिए जब 2005 में मुख्यमंत्री बने थे तो गांव गांव में शराब की दुकान खुलवा दिया था क्या उस समय दूसरे संविधान था और अभी दूसरा संविधान है नही यह गलत बात है। उन्होंने कहा कि बिहार के जो नौजवान है उसे शराब पीने की आदत लगा दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कह रहे हैं कि शराब पीना मौलिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने चुनाव लड़ने कही पर रहने पर रोक नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा बिहार को किसी मुख्यमंत्री ने बर्बाद किया है तो उसका नाम है नीतीश कुमार, उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है जो पासवान समाज के लोग हैं उनका मौलिक अधिकार है तारी बेचना, उन्होंने किसान धोबी, नाई, रविदास जैसे कई जातियों का नाम उन्होंने लेकर कहा कि जिस तरह से जातीय पेशा है ठीक उसी तरह से पासी समाज का जातीय पेशा है तारी उतारना जो मौलिक अधिकार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समाप्त किया है। जिससे उसके परिवार में भुखमरी हो गई है उसके बच्चे सही से पढ़ लिख नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में पूर्ण रूप से शराब बंदी विफल है। विगत 7 वर्षों से सैंकड़ो लोग मारे गए। उन्होंने कहा कि विगत 7 वर्षों से बिहार में लगातार क्राइम बढ़ रहा है प्रतिदिन बैंक रोबरी हो रही है उन्होंने कहा कि एक साथ हंसना और गाल फुलाना बिहार में नहीं चलेगा।




