शहीद सुधीर का शव पहुँचते ही मचा चित्कार, शहीद अमर सुधीर अमर रहे के नारों से गुंजा ईलाका!

SHARE:

आरा/आशुतोष पाण्डेय

शहीद का शव आज जैसे ही उनके गांव पहुंचा मानो चारो तरफ से चीत्कार उठा गाँव।हर तरह वीर शहीद अमर रहें का नारा लग रहा था।शहीद के शव के आगमन की खबर मिकते ही जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।बिहार के भोजपुर का लाल जम्मू-कश्मीर के रजौरी में आर्मी एबुलेंस से सड़क दुर्घटना में हुए शहीद.परिवार समेत पूरे गांव में मातम का माहौल.सुबह 10 बजे पत्नी से छुट्टी आने की बात कर ड्यूटी के लिए निकले और 1 बजे सेना के अधिकारी ने पत्नी को फोन कर जवान के शहीद होने की खबर दिए.शाहिद जवान का नाम सुधीर कुमार है जो कि कोइलवर प्रखंड के कुंजनटोला गांव के रहने वाले है.घटना कि जानकारी के बाद परिवार समेत पूरे गांव में मातम का महौल है. शहीद सुधीर कुमार जिनकी उम्र लगभग 41 वर्ष थी वो हवलदार के पद पर जम्मू-कश्मीर के रजौरी में तैनात थे.साल 2003 में सुधीर कुमार आर्मी में बहाल हुए थे.उनकी ट्रेनिंग बैंगलोर में हुई थी उसके बाद देश के विभिन्न जगहों पर 20 साल तक आर्मी में देश सेवा करते रहे. जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के समीप एंबुलेंस पलट जाने से शहीद हुए जवान की पत्नी सुनीता ने अपने पति सुधीर से शनिवार को ही फोन पर अगली छुट्टी की बात पूछी थी. तब सुबह 10 बजे फोन पर ही सुधीर ने परिवार के हर सदस्य का हालचाल लिया था.उस समय सुधीर ने अपनी पत्नी को बताए थे कि मेरा पोस्टिंग सिलिगुढील हो गया 20 मई को टिकट करा कर घर आ रहे है.उसके बाद जा कर सिलीगुड़ी जा कर जॉइन करेंगे. दोपहर करीब 12 बजे सुधीर को उनकी पत्नी सुनीता के द्वारा फोन किया गया था लेकिन नेटवर्क के वजह से फोन नही लगा था.उसके बाद पत्नी फोन का इंतेजार कर रही थी कि सुधीर जाहा जा रहे थे वंहा पहुचेंगे तो फोन करेंगे तब तक अचानक एक बजे दुर्घटना की खबर आई तो एकाएक पत्नी के रोने-बिलखने की खबर ने सबको सकते में डाल दिया. गांव की भीड़ दरवाजे पर जुट गई.आसपास गांवों के लोग भी दरवाजे पर पहुंच घटना की सच्चाई जानने को बेताब थें। फरवरी में छुट्टी पर आए सुधीर का खिलखिलाता चेहरा देख किसी ने यह अंदाजा नहीं लगाया होगा कि घर में बिखरी यह मुस्कुराहट परिजनों के लिए अंतिम होगी. पिता रमनी सिंह व मां समूहती देवी ने जैसे ही बेटे की मौत की खबर सुनी, सन्न रह गए. पत्नी सुनीता तो मूर्छित हो पड़ी.दोनों बेटे सुशील और अभिषेक अपने पिता की मौत की खबर सुनी तो रो पड़े.छोटा भाई वीरबहादुर ने बताया कि अभी दो दिन पहले ही उन्होंने हालचाल लिया था. शहीद जवान का पार्थिव शरीर रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर आ चुका था जिसके बाद दानापुर आर्मी कैम्प में कल शाम तक शव को लाया गया और आज सुबह पार्थिव शरीर पैतृक गांव कुंजनटोला लाया गया और उसके बाद राजकीय सम्मान के साथ सुधीर कुमार को अंतिम विदाई महुली घाट पर दी गई।इस दौरान सेना के कई वरीय पदाधिकारियों ने भी सलामी दी। 
बाईट/-मेजर आदित्य 
बाईट/-परिजन(शहीद) 
बाईट/-परिधि गुप्ता(जिला परिषद सदश्य) 
बाईट/-मुकेश यादव(प्रखंड प्रमुख)

Join us on:

Leave a Comment