पंकज कुमार जहानाबाद।
भाजपा और संघ गिरोह के सांप्रदायिक फासीवाद, नफरत, घृणा की राजनीति के खिलाफ संविधान, धर्मनिरपेक्षता,लोकतंत्र आजादी और रोजी-रोटी तथा भाईचारा के लिए वामदलों का संयुक्त अभियान जहानाबाद जिला में 4 मई से 31 मई 2023 तक चलाया जाएगा। सीपीएम कार्यालय में वामदलों – भाकपा माले, माकपा,भाकपा के नेताओं की बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता सीपीएम के कार्यकारी जिला सचिव कामरेड दिनेश प्रसाद ने किया। बैठक में भाकपा माले के जिला सचिव कामरेड श्रीनिवास शर्मा, सीपीएम के जिला सचिव कामरेड राम प्रसाद पासवान ,सीपीआई के राज्य परिषद सदस्य कामरेड अंबिका प्रसाद सिंह, सीपीएम के सचिव मंडल सदस्य कामरेड जगदीश यादव, सीपीआई नेता कामरेड अनिल कुमार आदि मुख्यतया शामिल थे।
बैठक में नेताओं ने कहा कि मोदी के 9 साल के राज में संविधान, लोकतंत्र का रोज चीरहरण हो रहा है। देश का मान -सम्मान बढ़ाने वाली महिला पहलवानों के साथ भाजपा सांसद यौन शोषण करता है। शिकायत दर्ज कराने के लिए जंतर मंतर पर आंदोलन करने तथा सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप करने पर दुराचारी भाजपा सांसद पर महज एक अदद केस होता है। मोदी राज में कानून- संविधान तार तार हो गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात करने वाले मोदी और संघ गिरोह के लोग जब देश का मान बढ़ाने वाली बेटियों के साथ यौन शोषण करते है। तब इनकी कथनी-करनी और चाल-चरित्र रोज देश, दुनिया के सामने उजागर हो रहा है। मोदी सरकार देश बेचने का अभियान चला रही है। देशी-विदेशी कारपोरेट्स की नई जमींदारी कायम कराया जा रहा है। मोदी के मित्र कारपोरेट्स के लिए रोज अमृत की वर्षा हो रही है तो मजदूर,किसान, युवा, छात्र, दलित,आदिवासी,महिला समेत कर्मचारी और मेहनतकशों को बिष पिलाया जा रहा है।
नेताओं ने 22 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद भदासी घटना के सभी सजायाफ्ता बंदियों की रिहाई की मांग करते हुए नौकरशाहों की भाजपाई मानसिकता पर लगाम लगाने की मांग नीतीश सरकार से किया है। साथ ही जहानाबाद नगर में वार्ड 9,10 और दौलतपुर तथा रेलवे अंडर पास समेत शहर के दर्जनभर मुहल्लों में जलजमाव का शीघ्र निराकरण की मांग किया है ।जिला प्रशासन और नगर परिषद जहानाबाद नगर की सबसे बड़ी समस्या जलजमाव से नागरिकों को मुक्ति दिलाना है तथा शहर के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान के तहत काम करने का सुझाव दिया है ।नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर विकास के नाम पर महालूट मचा हुआ है।जनाकांक्षा व जरूरतों के मुताबिक कार्य योजना बनाने के बजाए नगर परिषद के अफसरों और इंजीनियरों-ठेकेदारों के सांठगांठ से करोड़ों-करोड़ का वारा-न्यारा हो जा रहा है। यही कारण है कि छोटे-बड़े किसी भी जन समस्या का ठीक से समाधान नहीं होता है।




