सितंबर तक बिकता है यह खास आम! पश्चिम चंपारण के किसान की ‘अरुणिमा’ से हो रही शानदार कमाई!

SHARE:

रिपोर्ट- मनोज कुमार!

सितंबर तक बिकता है यह खास आम! पश्चिम चंपारण के किसान की ‘अरुणिमा’ से हो रही शानदार कमाई, स्वाद ऐसा कि मिश्री भी पड़े फीकी

पश्चिम चंपारण की धरती पर उगाई जा रही आम की एक अनोखी किस्म इन दिनों किसानों और आम प्रेमियों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जब अगस्त के अंत और सितंबर के मध्य तक बाजार से आम लगभग गायब हो जाते हैं, तब यह विशेष किस्म लोगों के स्वाद की चाहत को पूरा करती है। इस आम का नाम है ‘अरुणिमा’, जो अपनी मिठास, आकर्षक रंग और बेहतरीन गुणवत्ता के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
नौतन प्रखंड के बैकुंठवा गांव निवासी प्रगतिशील किसान शिशिर दुबे ने इस किस्म की बागवानी को व्यवसायिक रूप देकर एक नई पहचान बनाई है। उनका कहना है कि आम की अन्य किस्मों की तुलना में अरुणिमा देर से पकता है और इसकी हार्वेस्टिंग भी काफी बाद में होती है। यही वजह है कि ऑफ सीजन में बाजार में इसकी मांग काफी बढ़ जाती है और व्यापारी इसे अच्छी कीमत पर खरीदते हैं। इससे किसानों को कम समय में बेहतर मुनाफा मिलता है और व्यापारियों को भी लाभ का अच्छा अवसर प्राप्त होता है।
अरुणिमा आम की सबसे बड़ी खासियत इसका स्वाद और गुणवत्ता है। यह आम पूरी तरह गूदेदार और रेशा रहित होता है, जबकि इसकी गुठली अपेक्षाकृत छोटी होती है। आकार और वजन की बात करें तो एक आम का वजन लगभग आधे किलो से लेकर एक किलो तक पहुंच जाता है। पकने के बाद इसका गुलाबी और हरे रंग का आकर्षक मिश्रण इसे देखने में बेहद खूबसूरत बना देता है। रस और मिठास से भरपूर यह आम हर उम्र के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अरुणिमा आम न केवल स्वाद में बेहतरीन है बल्कि इसकी बाजार में उपलब्धता भी इसे खास बनाती है। जब अधिकांश आम की किस्में खत्म हो जाती हैं, तब यह बाजार में अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है। यही कारण है कि सितंबर के मध्य तक इसकी खरीद-बिक्री जारी रहती है और इसकी कीमत आमतौर पर 300 से 350 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है।
देर से तैयार होने वाली यह विशेष किस्म पश्चिम चंपारण के किसानों के लिए आय का नया स्रोत बन रही है। स्वाद, सुंदरता और बाजार में ऊंची कीमत के कारण ‘अरुणिमा’ आम अब जिले की पहचान बनने की ओर बढ़ रहा है और किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बागवानी में नए अवसर तलाशने की प्रेरणा भी दे रहा है।

Join us on: