रिपोर्ट – संतोष तिवारी
आखिर कब सुधरेगा बिहार का स्वास्थ्य विभाग
मुज़फ़्फ़रपुर बिहार:- मुशहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केवल कागजी पन्नों पर लेखा जोखा करने वाली बिहार सरकार जिसे ना कोई शिक्षा प्रणाली ना कोई स्वास्थ्य विभाग ना कोई प्रखंड स्तर पर कार्य करने की क्षमता हो ऐसी सरकार से कैसी उम्मीद की जा सकती है सरकार के लाख दावे खोखले साबित हो रहे हैं मामला मुजफ्फरपुर जिले के मुसहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है जहां मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन को बार-बार आगाह करने के उपरांत भी इस स्वास्थ्य केंद्र पर भ्रष्टाचार का अंकुश लगाने पर नाकाम है जिससे साबित होता है कि सिविल सर्जन की मिलीभगत से ही सारे के सारे स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र मैं केवल खानापूर्ति की जा रही है मुसहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ना ही कोई इमरजेंसी में डॉक्टर मिलेंगे ना ही चमकी बुखार के लिए कोई मिलेगा जब की अभी चमकी बुखार का प्रकोप पूरे जिले को अपनी आगोश में रखा है आखिर जनता जाए तो जाए कहां या यूं कहें कि मरीजों को मरने के लिए स्वास्थ्य केंद्र परछोड़ दिया जाय सिविल सर्जन को शिकायत करने के उपरांत भी सिविल सर्जन के कानों में जूं तक नहीं रेंगती केवल यह आम जनता के पैसे से अपनी वेतन ले कर अपना घर भरने को तैयार हैं मेरा मानना तो यह है कि जितने पदाधिकारी हैं अपना इलाज स्वास्थ्य केंद्रों पर कराएं तब उन्हें हर स्वास्थ्य केंद्र का हकीकत पता चलेगा
बाईट मरीज 2




