पूर्णियाँ – 1₹ का सिक्का बंद होने का अफवाह, दुकानदारों ने लेना किया बंद, लोग परेशान!

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आकाश कुमार
पूर्णिया

रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआइ) द्वारा एक रुपये के छोटे सिक्के को बंद नहीं किया गया है। बावजूद जिले में दुकानदार और व्यापारियों ने अघोषित रूप से इन सिक्कों को लेना बंद कर दिया है। खरीद-बिक्री से लेकर रुपये के किसी लेनदेन में लोग छोटे सिक्कों को लेने में आनाकानी कर रहे हैं। लोगों ने इसका प्रयोग बंद कर दिया है। जबकि इस बारे में आरबीआइ की स्पष्ट गाइडलाइन है कि यदि इन सिक्कों को लेने से कोई दुकानदार, व्यापारी या अन्य लोग मना करते हैं तो उन्हें कार्रवाई के दायरे में लाया जा सकता है।

इस पर अघोषित रूप से रोक लग गई हो। लेकिन अभी भी बैंक में वही सिक्का ग्राहकों को धड़ल्ले से दिया जा रहा है। नितिन स्टोर के मालिक नितिन चौहान बताते हैं कि उन्हें 15 दिन पूर्व सेंट्रल बैंक की मुख्य शाखा से 2500 का सिक्का मिला था, वह सिक्का मार्केट में चल ही नहीं रहा है। कोई भी 1 का छोटा सिक्का लेने को तैयार नहीं है। लोगों की दलील है कि यह सिक्का बंद हो गया है। ऐसे में जब यह सिक्का बंद हो गया है तो फिर बैंक इसे कैसे चलन में रखी हुई है? यह सवाल लोगों के जेहन में कौंध रहा है।

इस संदर्भ में पूछे जाने पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य शाखा के शाखा प्रबंधक सुरेंद्र कुमार का बताते हैं कि यही सिक्का उनलोगों को मिल रहा है। इस पर किसी प्रकार का रोक रहता तो यह उन लोगों के पास यह सिक्का भेजा ही नहीं जाता। उन्होंने कहा कि लगता है कुछ गलतफहमियों की वजह से लोग नहीं ले रहे हैं। यह सिक्का अभी चलन से बाहर नहीं हुआ है। अगर यह सिक्का चलन से बाहर होता तो इसकी जानकारी उन लोगों को रिजर्व बैंक द्वारा दी जाती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है, इसका मतलब सिक्का चलन में है।
इस गलतफहमियों को दूर करने के लिए जिला प्रशासन व रिजर्व बैंक को सार्वजनिक रूप से समाचार पत्र और टीवी चैनलों के माध्यम से नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए, तभी लोगों के तिजोरियों में पड़ा 1 का छोटा सिक्का चलन में आ पाएगा।

नितिन स्टोर के मालिक नितिन चौहान बताते हैं कि यहां सामत तो उन गरीब, भिखारियों और मजदूरों की आ गई है, जिसके पास यह सिक्का खोटा सिक्का बनकर रह गया है। इस संदर्भ में कई दुकानदारों ने बताया कि जब बैंक में यह सिक्का मान्य है, तो फिर यह चलन से कैसे बाहर है? इस दिशा में जिला प्रशासन को मीडिया के माध्यम से जनसाधारण तक सही जानकारी देनी चाहिए, ताकि वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके। तभी यह सिक्का पुनः प्रचलन में आ पाएगा।

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