पंकज कुमार की रिपोर्ट
बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के बैनर तले सैकड़ो आंगनबाड़ी सेविकाओं ने जेल भरो आंदोलन मार्च निकाला। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहीं सेविकाएं सरकार से गोवा, तेलंगाना, झारखंड, उड़ीसा जैसे राज्यों की तरह बिहार में भी आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि में वृद्धि करने समेत 21 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही थीं। इस दौरान प्रदर्शनकारी सेविकाओं ने सम्हारणालय से लगे कारगिल चौक को घंटों जाम रखा।
बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के बैनर तले निकाले गए मार्च में आंगनबाड़ी सेविकाओं के दर्जन भर संगठनों का सहयोग रहा। इस प्रदर्शन मार्च को सफल बनाने आंगनबाड़ी सेविकाएं पहुंची। सेविकाओं का यह मार्च बाजार के मुख्य सड़कों से होकर समाहरणालय पहुंचा। यहां आंगनबाड़ी सेवाइकाओं ने घंटे भर चौराहे को जाम कर प्रदर्शन किया। सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए।
इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि वे कई वर्षो से बतौर आंगनबाड़ी सेविका अपनी सेवाएं दे रही हैं। जन्म से लेकर मृत्य तक की सरकारी योजनाओं को सफल बनाने का जिम्मा उनके कंधे पर है, मगर सरकार इसके बदले उन्हें मामूली वेतनमान देती हैं। इसके कारण घर खर्ची तक चलाना मुश्किल हो गया है। लिहाजा स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने समेत 21 मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया।कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने गिरफ्तारी भी जेल भरो आंदोलन के तहत दिया।
बाइट आंदोलनकारी सेविका।




