रिपोर्ट – अमित कुमार
पटना सिटी। श्री गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर की टीम के द्वारा शिविर लगाया गया। शिविर का आयोजन एसजीजीएस अस्पताल भवन के दूसरी तल्ला पर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी व कर्मियों और मेहरोत्रा ईएनटी अस्पताल, कानपुर के सहयोग से मेहरोत्रा ईएनटी अस्पताल फाउंडेशन द्वारा संचालित किया गया। शिविर में बोलने और सुनने में परेशानी होने वाले बच्चों को स्क्रीनिंग जाँच की गयी। शिविर में डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर की टीम (डीआईसी), की टीम में डॉ वकार अलाम (डेंटिस्ट), प्रिया वर्मा (डेंटल टेक्नीशियन), मोहन कुमार (साइकोलॉजिस्ट), मोनिका मोटम (ऑडियोलॉजिस्ट), अजय कुमार सक्सेना (सोशल वर्कर), डॉ अभिषेक कुमार (डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) शामिल रहे। जबकी
मेहरोत्रा ईएनटी हॉस्पिटल फाउंडेशन की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर आशुतोष सरकार, ऑडियोलॉजिस्ट डॉ रवि प्रकाश वर्मा, बिहार के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे।
शिविर का आयोजन क्षेत्रीय अपर निदेशक, पटना प्रमंडल, स्वास्थ्य भवन में पदस्थापित डॉ विभा सिंह के नेतृत्व में की गयी। डॉ सिंह ने बताया कि शिविर में कुल 53 बच्चों की स्क्रीनिंग जाँच की गयी है, जिसमें स 31 बच्चों में काक्लियर इंप्लांट करने की जरूरत पाई गई है।
उन्होंने बताया कि पाँच वर्ष से कम आयु के वैसे बच्चे जिन्हें बोलने और सुनने की क्षमता नही है, वैसे बच्चों के लिए जाँच व ईलाज हेतु मेहरोत्रा नाक कान गला हॉस्पिटल, कानपुर की ओर से दो फरवरी 2023 को एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ है। जिसके बाद सोमवार को मेहरोत्रा ईएनटी अस्पताल की टीम श्री गुरु गोविंद सिंह अस्पताल आयी हैं। टीम द्वारा बच्चों का स्क्रीनिंग किया जा रहा है। हमलोगों का मकसद है कि आज सौ से अधिक बच्चों का स्क्रीनिंग करके जिनमे रोग संबंधित लक्षण दिखेगा, वैसे बच्चों को चयनित कर मेहरोत्रा ईएनटी अस्पताल, कानपुर भेजा जाएगा। बच्चों के इलाज व सर्जरी के लिए अस्पताल आने जाने के किये सारी व्यवस्था अस्पताल ही करेगी। वहाँ पहुँचने के बाद बच्चों का अस्पताल में तीन दिनों तक स्क्रीनिंग की प्रक्रिया होगी। इसके लिए बच्चा और उसके माता पिता को रहने खाना के लिए अस्पताल के तरफ से व्यवस्था की जाएगी। स्क्रीनिंग जाँच में जिन बच्चों में काक्लियर इंप्लांट करने की जरूरत पाया जाएगा। वैसे बच्चों को चिन्हित कर के आगे की तिथि दी जाएगी, ताकि बच्चो काकाक्लियर इंप्लांट किया जा सके। चिन्हित बच्चों को काक्लियर इंप्लांट के लिए अस्पताल में उनके माता-पिता को करीब दस दिनों तक अपने-अपने बच्चो के साथ रुकने की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि चिन्हित बच्चो का संपूर्ण इलाज में आने वाली खर्च को मेहरोत्रा ईएनटी अस्पताल फाउंडेशन की ओर से वहन की जाएगी। यह बहुत ही बड़ा एक सामाजिक कार्य है। इससे समाज के कई बच्चे लाभान्वित होंगे। कान से सुनने और मुंह से बोलने वाली समस्या के कारण बच्चों को पढने लिखने सहित अन्य कार्यो में बाधा पहुंचती है, वैसे बच्चो का सर्जरी कर जीवन सुलभ बन सकता है।





3 thoughts on “गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शिविर का आयोजन!”
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