आशुतोष पांडेय की रिपोर्ट
इस जगत में पिता का स्थान कोई नही ले सकता क्योंकि पिता अपने बच्चों के लिए संसार को जीतने की छमता रखता है।पिता और बेटे का रिश्ता बहुत अनमोल होता है। पिता हमेशा अपने बेटे की खुशियों में अपनी खुशी तलाशता है। दोनों ही एक दूसरे की पहचान होते हैं। जैसे पिता अपने बेटे की खुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार होते है उसी प्रकार अगर बेटे की तबियत बिगड़ जाए तो हर संभव कोशिश और इलाज में जुट जाते है। ऐसे ही एक पिता अपने बेटे की तबियत बिगड़ने के बाद अपने मुंह से सांस देने लगा क्योंकि उसके बेटे को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। जब उसका बेटा दर्द से कराह रहा था और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, तो उसके पिता ने एक बार नहीं कई बार अपने मुंह से सांस दिया।ये पिता का प्यार है जो आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं। दरअसल कल देर रात आरा शहर के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत भलुहीपुर मोहल्ले के निवासी संतोष कुमार के 18 वर्षीय पुत्र कृष्ण कुमार की अचानक तबियत बिगड़ गई। जिसके बाद कृष्ण कुमार को सदर अस्पताल में लाया गया। जहां डॉक्टर ने मौजूदा हालात को देखते हुए कृष्ण कुमार को ऑक्सीजन लगाने के लिए कहा गया। सदर अस्पताल में ऑक्सीजन लगाया गया लेकिन 18 वर्षीय कृष्ण ऑक्सीजन से सांस नहीं ले पा रहा था। बार बार वो ऑक्सीजन निकाल देता। जिसके बाद उसके पिता ने अपने मुंह से ही अपने बेटे को सांस देना शुरू कर दिया। हालांकि थोड़े देर बाद कृष्ण को ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से ही ऑक्सीजन दी गई। जिसके थोड़े देर के बाद उसकी तबीयत ठीक हो गई। मामले को लेकर संतोष कुमार ने बताया कि मेरा बेटा (कृष्ण कुमार) घर के बगल में एक मंदिर है, वहां से आज पूजा होने के बाद प्रसाद खाकर घर आया था। घर आने के बाद भी अचानक तबियत बिगड़ने लगी। बोलने लगा सांस नहीं लिया जा रहा मुझसे। जिसके बाद मैं अपने मुंह से सांस देने लगा और भलुहीपुर से ही सांस देते देते हॉस्पिटल तक आया हूं। वहीं सदर अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि घर वालों के मुताबिक खाना खाने के बाद से तबियत बिगड़ी है। बहरहाल उसे (मरीज को) इंजेक्शन दे दिया गया है। सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। ऑक्सीजन दिया गया है। थोड़ी देर में ठीक हो जायेगा। वहीं कृष्ण कुमार अपने मोहल्ले में ही एक निजी स्कूल में नौवें क्लास में पढ़ते है। कृष्ण कुमार के पिता संतोष कुमार की शहर में एक दुकान चलाते है।
बाईट/-संतोष कुमार(पिता पीड़ित छात्र)





1 thought on “बेटे को सांस में हुई परेशानी तो बेकल पिता ने मुँह से दिया सांस, बाद में आया ऑक्सीजन!”
I don’t think the title of your article matches the content lol. Just kidding, mainly because I had some doubts after reading the article.