पंकज कुमार जहानाबाद ।
स्थानीय मानस इंटरनेशनल स्कूल कोर्ट एरिया निकट बतीश भंवरिया के परिसर में विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी सह व्यंजन मेला का आयोजन किया गया जिसका विधिवत उद्घाटन अशोक कुमार पांडे एसडीपीओ जहानाबाद ने किया। अपने उद्घाटन भाषण में अशोक कुमार पांडे ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनीओ से अपेक्षा की जाती रही है कि छात्र तथा अध्यापक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास तथा नए अनुसंधान ओ द्वारा समाज में प्रगति आने एवं उन्हें पोषित करने में मानव प्रयासों के हर पहलुओं पर विचार करें जिसमें जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संस्कृति संस्कार एवं विज्ञान की प्रगति के लिए अध्यात्म को अपनाना होगा। ऐसा होने से भारत विश्व में विज्ञान के क्षेत्र में विश्व गुरु बनेगा। इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन डॉ अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके रचनात्मक विचारों का प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। विज्ञान में रुचि को बढ़ावा देना रुचि के उत्साह के साथ नए तथ्यों और अविष्कारों को सीखने में छात्रों को संलग्न करना है। ऐसे आयोजन से स्कूली बच्चों के क्षमता का विकास और प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ती है और विज्ञान विषय के प्रति बच्चों में अभिरुचि पैदा होता है। इस अवसर पर स्कूल के निदेशक श्री निशांत रंजन ने कहा कि देश के प्राचीन गौरव को पुनः स्थापित करने की जरूरत है इसके लिए स्कूलों में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन हो ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इसका लाभ मिल सके। ऐसा करने से छात्रों में पढ़ने की रुचि एवं क्रिएटिविटी थिंकिंग का भी विकास होगा। उन्होंने कहा कि भारत की अपनी बड़ी पहचान है जिसे विश्व भी स्वीकार करती है जैसे पुष्पक विमान, शब्दभेदी बाण, महाभारत में टीवी की तरह आंखों देखा हाल, अनु का सिद्धांत, प्लास्टिक सर्जरी एवं शून्य की खोज हजारों वर्ष पूर्व भारत द्वारा किया गया है।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट एवं मॉडल के माध्यम से छात्रों के वैज्ञानिक सोच सहयोग एवं उनकी क्षमता का अवलोकन सह निरीक्षण के बाद एसडीपीओ साहब ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल देकर सम्मानित किए। इस अवसर पर राजीव कुमार, मनीष कुमार, संजीव कुमार, जितेंद्र कुमार, नमन कुमार, शिव कुमार, प्रियंका कुमारी, सृष्टि, ज्योति, वीना, चंचला, खुशी आदि ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।




