रिपोर्ट अनमोल कुमार
मेगा ऋण वितरण मेला
उद्योगों के लिए मेगा ऋण वितरण शिविर
नई ऊंचाइयों को छूएँ, लोगों को रोजगार दें : संजय कुमार सिंह
लखीसराय। जिला उद्योग केंद्र लखीसराय में उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभुकों को ऋण स्वीकृति और ऋण वितरण के लिए मेगा शिविर का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन लखीसराय के जिला पदाधिकारी संजय कुमार सिंह, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार, लीड बैंक मैनेजर उज्जवल जायसवाल और जिला उद्योग केंद्र के प्रभारी महाप्रबंधक गणेश कुमार ने किया। मौके पर भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया तथा अन्य बैंकों द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत चयनित लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र का वितरण किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने इस बात पर संतोष जाहिर किया कि लखीसराय जिला में पीएमईजीपी कार्यक्रम के तहत लक्ष्य के अनुसार ऋण की स्वीकृति की जा चुकी है। उन्होंने यूको बैंक के प्रति नाराजगी जताई जिसके द्वारा 12 लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 2 उद्यमियों को ऋण स्वीकृत किया गया है। जिला पदाधिकारी ने भारतीय स्टेट बैंक पंजाब नेशनल बैंक केनरा बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया यूनियन बैंक तथा बैंक ऑफ इंडिया को लक्ष्य से अधिक ऋण स्वीकृत करने तथा दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक और इंडियन बैंक को लक्ष्य अनुसार ऋण स्वीकृत करने के लिए बधाई दी। अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने कहा कि लखीसराय में उद्योगों के विकास की भरपूर संभावनाएं हैं। सभी बैंक लक्ष्य से दुगना ऋण स्वीकृत करें और 31 मार्च तक उसका वितरण भी सुनिश्चित करें ताकि जिले में अधिक से अधिक रोजगार सृजित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना के तहत सात जिला संसाधन से भी बहाल किए जा चुके हैं। इनकी मदद से फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अधिक से अधिक नई इकाइयों की स्थापना की जाए और उद्यमियों को बैंकों के माध्यम से मदद पहुंचाया जाए। उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को 50 लाख तक के तथा सर्विस क्षेत्र की इकाइयों को 2000000 तक के ऋण दिए जाने का प्रावधान है। इन योजनाओं के तहत 15 से 35% की सब्सिडी की व्यवस्था है। जिन लोगों ने ऋण प्राप्त किया है यदि वह अपनी इकाई को अच्छे तरीके से चलाते हैं और 3 साल के अंदर अपने ऋण को चुका देते हैं तो उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम टू के तहत एक करोड़ तक की सहायता प्रदान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण उद्योगों का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना पीएमईजीपी और पीएमएफएमई के माध्यम से नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना मैं मदद करके सरकार अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देना चाहती है। उन्होंने कहा कि उद्योग की सफलता के लिए उद्यमी के कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है। नेक इरादे और सही योजना के साथ काम करें तो सफलता जल्दी हासिल होगी। लीड बैंक मैनेजर उज्जवल जायसवाल ने कहां कि उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए सभी बैंक लक्ष्य के अनुसार ऋण देंगे। सरकारी एजेंसियों से प्राप्त वित्तीय सहायता का उपयोग करते हुए लखीसराय के उद्यमी आगे बढ़े और पूरे देश में नाम रोशन करें।




